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राजस्थान: बिटकॉइन के नाम पर एक साल से लोगों से ठगी कर रहा था यह गिरोह, गिरफ्तार

एटीएस का अनुमान है कि गिरोह ने राजस्थान में कई निवेशकों से कुल 15 करोड़ रुपये ठगे हैं. एटीएस को जांच में ठगी की रकम का आंकड़ा कई करोंड़ों तक पहुंचने की संभावना है. 

राजस्थान: बिटकॉइन के नाम पर एक साल से लोगों से ठगी कर रहा था यह गिरोह, गिरफ्तार
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: राजस्थान ATS ने बिटकोइन के नाम पर मोटे मुनाफे का झांसा देने वाले ठगों को गिरफ्तार किया है. जयपुर सहित देश के अन्य शहरों के लोगों से करोड़ों रुपए ठग लेने वाले इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर के दूसरे गिरोह से भी जुड़े हुए हैं. एटीएस ने NIA और आईब की मदद से जयपुर, दिल्ली और गाजियाबाद से एक युवती सहित चार आरोपियों को गिररफ्तार किया है.

एटीएस का अनुमान है कि गिरोह ने राजस्थान में कई निवेशकों से कुल 15 करोड़ रुपये ठगे हैं. एटीएस को जांच में ठगी की रकम का आंकड़ा कई करोंड़ों तक पहुंचने की संभावना है. गिरोह के तार थाइलैंड, इंडोनेशिया और अरमेनिया के बदमाशों से जुड़े हुए हैं. इस गिरोह ने पहले मोनीगो.कॉम के जरिए बिटकोइन के जरिए लोगों को अपना निशाना बनाया. इसके बाद जब निवेशकों को उनका मुनाफा नहीं मिला तो इस गिरोह ने बैटटूबैट.यूके और बैटटूबैट.ईयू जैसी ऑनलाइन सट्टा लगाने वाली देश के बाहर की वेबसाईट का झांसा देकर लोगों को अपनी ठगी का निशाना बनाया. 

ये ठग इतने शातिर हैं कि इन्होंने निवेशकों को गोवा में लग्जरी पार्टियां से भी लुभाया जंहा कुछ छोटे फिल्मी कलाकारों से भी निवेशकों का परिचय करवाया. इन ठगों के टारगेट पर वो ही लोग थे जिनके पास कैश में पैसा था और उसे वो इन्वेस्ट करना चाहते थे. डीजी एटीएस-एसओजी डा. भूपेंद्र सिंह यादव ने बताया कि फूरेला निवासी प्रहलाद ने मोनिवो नामक कंपनी के खिलाफ धन को दुगना करने के नाम पर 45 लाख रुपए ठग लेने की शिकायत दर्ज करवाई थी. जिसके बाद इस पुरे गिरोह का खुलासा हुआ. 

फ़िलहाल उन्होंने इस गिरोह के टेरर फंडिंग से जुड़े होने की आशंका से इंकार करते हुए कहा कि अभी तक की जांच में इस तरह के तथ्य सामने नहीं आए हैं. एटीएस टीम ने जयपुर से विशाल गुप्ता, दिल्ली से विकास चौधरी, शिल्पा शर्मा और गाजियाबाद से महेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के ठिकानों से बरामद दस्तावेजों से दिल्ली, गुजरात, गोवा और मुंबई में भी गिरोह की ओर कई लोगों को ठगने की जानकारी सामने आई है.

इन शातिर ठगों ने 2018 से अपना गौरखधंधा शुरू किया था. जिसमें ये पैसे वाले लोगों को बिटकोइन ट्रेडिंग और बिटकोइंग माइनिंग के नाम पर ये कहते हुए फंसाते थे कि आपको बदले में मोटा मुनाफा होगा लेकिन लोगों को उनका पैसा नहीं मिला. निवेशकों ने जब अपना पैसा मांगा तो इन ठगों ने कहा कि आप ऑनलाइन गैम्बलिंग यानि सट्टा लगाओ तो पैसा जरुर आ जाएगा. राजस्थान ATS के पास भी तक सिर्फ राजस्थान राज्य की ही शिकायत है और ATS का अनुमान है कि राजस्थान से करीब 15 करोड़ का निवेश इस गिरोह ने करवाया है.