छात्रों की जिज्ञासा को शिक्षक ने इस तरह किया पूरा, School को बना दिया Bullet Train

Tonk News: बच्चों की जिज्ञासाओं को देखते हुए सांवतगढ़ राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का ही रंग रोगन कर बुलेट ट्रेन का स्वरूप दे डाला ताकि बच्चे इसको देख कर अपनी जिज्ञासाओं को पूरी कर सके. इसमें कुल खर्चा 30 हजार रुपए का आया. 

छात्रों की जिज्ञासा को शिक्षक ने इस तरह किया पूरा, School को बना दिया Bullet Train
शिक्षक ने स्कूल को बना दिया बुलेट ट्रेन. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Tonk: राजस्थान में अब तक बात सिर्फ ट्रेन की होती रही है. चर्चा भी इस वजह से की एक सरकारी स्कूल को ट्रेन का स्वरूप दिया गया और जब बात नवाबी नगरी टोंक की हो तो यहां ट्रेन की मांग को लेकर पिछले कई सालों से आंदोलन चल रहा है. लेकिन अब टोंक में ट्रेन नहीं Bullet Train आ गई है और इस बुलेट ट्रेन की चर्चा शिक्षा जगत में जबरदस्त हो रही है. क्योंकि शिक्षक तरूण सिंह ने अपने साथी शिक्षकों के साथ मिलकर स्कूल को बुलेट ट्रेन का स्वरूप दे दिया है.

दरअसल, बच्चे और उनके सवाल जिनका जवाब हर कोई शायद ही दे पाता है. ऐसे ही सवालों से देवली के सांवतगढ़ के सरकारी स्कूल में भी बच्चों के आए दिन ऐसे ही सवाल होते थे कि 'सर बुलेट ट्रेन कैसी होती है, हमें भी बताओ, हमने कभी देखी नहीं. हम अधिकांश बच्चे किसान वर्ग से हैं ना तो जयपुर शहर और ना ही दिल्ली जैसे शहर को देखा है. हमें भी बुलेट ट्रेन दिखाओ.'

ये भी पढ़ें-Chittorgarh News : रावतभाटा कब पकड़ेगा रफ्तार, लंबे समय से उपेक्षा का शिकार

 

वहीं, बच्चों की जिज्ञासाओं को देखते हुए सांवतगढ़ राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय का ही रंग रोगन कर बुलेट ट्रेन का स्वरूप दे डाला ताकि बच्चे इसको देख कर अपनी जिज्ञासाओं को पूरी कर सके. इसमें कुल खर्चा 30 हजार रुपए का आया. सांवतगढ़ राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक तरुण राज सिंह राजावत खरेड़ा ने बताया कि जब बच्चों से बात कर रहे थे तो उन्होंने जिज्ञासा से कहा सर ट्रेन कैसी होती है हमने देखा नहीं, ना हम कभी बैठे हैं इसे देखना है. हम भी पढ़ लिख कर आगे बढ़ेंगे कभी ना कभी तो इसमें बैठने का मौका तो मिलेगा. लेकिन हमने कभी देखी नहीं.

यहां उल्लेखनीय है कि इस विद्यालय में कार्यरत शिक्षक तरुण राज सिंह राजावत बच्चों को प्रेरणा देने के लिए तरह-तरह के नवाचार करते रहे हैं, जिनकी क्षेत्र में प्रशंसा भी होती है. यही नहीं राजावत बच्चों को कुछ न कुछ ज्ञानवर्धक उपलब्ध करवाने के लिए विद्यालय में ही ऐसे नवाचार करते आए हैं. फिर समय निकलता गया. वर्ष 2021 के अंदर फिर वही बात दोहराई गई.

ये भी पढ़ें-Rajasthan में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित, 8, 9, 11वीं के विद्यार्थी होंगे प्रमोट

 

शिक्षक राजावत से कहा कि जल्द ही विद्यालय को ट्रेन का स्वरूप देंगे. उसका मॉडल तैयार करो तो राजावत ने तुरंत कुछ ही घंटों के अंदर विद्यालय को क्या स्वरूप देना चाहते हैं. बुलेट ट्रेन का मॉडल बना दिया. उसी मॉडल के अनुरूप विद्यालय पर रंग रोगन करवा कर पूरे स्कूल को ही बुलेट ट्रेन का रूप दिया गया है और इस कार्य में विद्यालय के शिक्षक गंगा बिशन बैरवा, सुरेश कुमार, मानसिंह मीणा, मुकेश प्रजापति और सुमन मीणा का अमूल्य योगदान रहा.

तरुण राज राजावत ने बताया कि इसके पीछे मुख्य उद्देश्य यही है कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को अधिक से अधिक शिक्षा से जोड़ना है. नामांकन वृद्धि के साथ विद्यालय को यह स्वरूप दिया गया है.

(इनपुट-पुरुषोतत्म जोशी)