उदयपुर: कुपोषण से मुक्ति के लिए जिला प्रशासन की अनोखी पहल, 2 हजार घरों में...

स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से चले इस अभियान में मिली सफलता के बाद उत्साहित जिला प्रशासन ने आदिवासी क्षेत्र से कुपाषण को खत्म करने की ठान ली है.

उदयपुर: कुपोषण से मुक्ति के लिए जिला प्रशासन की अनोखी पहल, 2 हजार घरों में...
कुपोषण से मुक्ति के लिए जिला प्रशासन की अनोखी पहल.

अविनाश जगनावत/उदयपुर: राजस्थान के आदिवासीं अंचल उदयपुर में कुपोषित पाए गए बच्चों के घरों में अब जिला प्रशासन किचन गार्डन डवलप कर उनको सब्जियों से पोषण प्रदान करने की पहले शुरू की है. इसको लेकर पहले चरण में करीब 2 हजार परिवारों के घरों पर कृषि अधिकारी किचन गार्डन को डवलप करेगें. जिसमें लिए उनकों विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि बच्चों को पोष्टिक सब्जियां उनके घर पर ही मिल सके.

उदयपुर की जिला कलक्टर आनंदी ने जिले के आदिवासी इलाके से कुपोषण को खत्म करने के लिए एक अभियान चलाया. स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से चले इस अभियान में मिली सफलता के बाद उत्साहित जिला प्रशासन ने आदिवासी क्षेत्र से कुपाषण को खत्म करने की ठान ली है. ऐसे में अब आदिवासी अंचल में रह रहे लोगों के घरों में किचन गार्डन डवल्प किए जा रहे है. जिसमें मौसम के अनुसार सब्जियां और फल लगाए जाएगें. जिससे वहां के बच्चों को संतुलित आहार मिल सके और उन्हे कुपोषण से दूर किया जा सके.

वहीं, आदिवासी समुदाय के लोगों के घरों के बाहर किचन गार्डन डवल करने को लेकर जिला प्रशासन अपनी कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग दे रहा है. इसके बाद कुपोषण के लिए चिन्हित हुए परिवारों के घरों में किचन गार्डर डवल किया जाएगा. जिसमें मौसम आधारित सब्जियों और फलों के किट दिए जाएगें. साथ ही, उनके रख रखाव को लेकर परिवार के लोगों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा. आदिवासी समाज के बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार क्षेत्र में कैम्प भी चलाए जा रहे है. साथ ही जो बच्चें अत्यधिक कुपोषित है उनका शहर के निजी और सरकारी चिकित्साल में उपचार भी कराया जा रहा है.  

कुपोषण के खिलाफ चल रहे इस अभियान के पहले चरण में जिला प्रशासन की ओर से पहले चरण में 150 ग्राम पंचायतो को शामिल किया गया है. इन पंचायतों में करीब 2000 परिवार को चिन्हित किया गया है. जहां पहले बच्चों को उपचार करा कर उन्हे स्वस्थ बच्चें की श्रेणी में लाया गया और अब इन परिवार के घरों के आंगन में किचन गार्डन डेवलप किया जा रहा है. अगल चरण में यह अभियान पुरे आदिवासी अंचल में चलाया जाएगा. जिसमें 9 हजार से अधिक परिवारों को इस मुहिम से जोड़ कर उन्हे कुपोषण से मुक्ति दिलाई जाएगी.

बहरहाल, जिला प्रशासन की ओर से कुपोषण से खिलाफ चलाई जा रही यह मुहिम सराहनीय है. ऐसे में आदिवासी परिवार के घरों में लगने वाली किचन गार्डन की यह पहले उन्हे दोहरा लाभ पहुंचागी. एक तरफ जहां उन्हें पौष्टिक आहार मिलेगा. वहीं, दूसरी ओर इन गार्डन में लगने वाले अतिरिक्त फलो को बेच कर वे अपनी आमदनी भी बढ़ा पाएंगें.