राजस्थान: बकाया वसुलने में जलदाय विभाग के पसीने छूटे, लक्ष्य से कोसों दूर

सूत्रों ने यह भी बताया कि मार्च तक 700 करोड़ वसुली का लक्ष्य विभाग ने रखा था. 

राजस्थान: बकाया वसुलने में जलदाय विभाग के पसीने छूटे, लक्ष्य से कोसों दूर
मार्च क्लोजिंग रिपोर्ट में अधिकारियों के मेहनत की पोल खुल गई. (फाइल फोटो)

जयपुर: राज्य के लोगों को पानी की आपूर्ति करने वाली जलदाय विभाग के पसीने छूट रहे है. विभाग ने बकाया राशि की रिकवरी के लिए अभियान चलाया था , जो सफल नहीं हो सका. बताया जा रहा है कि मार्च में क्लोजिंग तक विभाग बकाया वसुलने का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया है.

विभागीय सूत्रों के अनुसार, राज्य के उपभोक्ताओं पर बकाया 780 करोड़ रूपए पानी के बिलों की रिकवरी करनी थी, लेकिन अब तक विभाग ने मात्र 600 करोड़ की ही रिकवरी करने में कामयाब रही. जिसके लिए विभाग ने गली गली गाना बजाकर अभियान भी चलाया. अभियान के दौरान बकायादारों को नोटिस भी दिए गए, इसके अलावा पानी का कनेक्शन भी काटा गया. लेकिन विभाग अब तक तय लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका है.

सूत्रों ने यह भी बताया कि मार्च तक 700 करोड़ वसुली का लक्ष्य विभाग ने रखा था. लेकिन मात्र 600 करोड़ तक की रिकवरी हो पाई. जिसमें सालभर के मौजूदा उपभोक्ताओं के बिलों की राशि भी शामिल की गई थी. वहीं, पिछले साल 650 करोड़ का लक्ष्य में विभाग ने 625 करोड रूपए के बकाया बिलों की रिकवरी की थी.

बताया जा रहा है कि इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के उपर 328 करोड, सरकारी कार्यालयों पर 21 करोड़, स्वायत्तशासी संस्थाओं पर 55 करोड़, वहीं, औघोगिक प्रतिष्ठानों के उपर 26 करोड़, वहीं, सार्वजनिक जल योजना पर 152 करोड़ रूपए बकाया थे.

राजस्थान को पानी पिलाने वाले जलदाय विभाग की मार्च क्लोजिंग रिपोर्ट में अधिकारियों के मेहनत की पोल खुल गई. राज्य भर में रिकवरी के लिए लगाया गया अभियान लक्ष्य से काफी दूर रहा.