राजस्थान: महाराणा प्रताप महान या अकबर? स्पष्ट करें CM गहलोत- BJP

वासुदेव देवनानी ने एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया था. जिसमें उन्होंने कहा, महाराणा प्रताप स्वतंत्रता और स्वाभिमान के प्रतीक हैं. उन्होंने आक्रांता अकबर से युद्ध किया.

राजस्थान: महाराणा प्रताप महान या अकबर? स्पष्ट करें CM गहलोत- BJP
देवनानी ने कहा महाराणा प्रताप स्वतंत्रता और स्वाभिमान के प्रतीक हैं. (फोटो- DNA)

शशि मोहन, जयपुर: राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही शिक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव करने और महाराणा प्रताप सिंह और अकबर पर विवावदित बयान के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है. कांग्रेस के इस बयान के बाद बीजेपी भी विरोध में उतर गई है. राजस्थान के पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने बुधवार को कहा, राज्य में शिक्षा का भगवाकरण करने की बात सिर्फ जुमलेबाजी है. यहां कांग्रेस शिक्षा का तुष्टिकरण और कांग्रेसीकरण में जुट गई है. साथ ही महाराणा प्रताप को महान स्वीकार न करना दुर्भाग्यपूर्ण है. 

दरअसल, बुधवार को वासुदेव देवनानी ने एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया था. जिसमें उन्होंने कहा, महाराणा प्रताप स्वतंत्रता और स्वाभिमान के प्रतीक हैं. उन्होंने आक्रांता अकबर से युद्ध किया. वह देश और राज्य की शान हैं. उनको स्वीकार न करना बल्कि उन पर हिचकिचाहट, संकोच करना एक शिक्षामंत्री के लिए और हम सब के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है. इन वीर बलिदानियों की जीवनी के पन्नों को किताब से हटाना उनका अपमान करना है और यह देशद्रोह के समान है क्योंकि ये किसी पार्टी के नहीं थे. 

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वो राष्ट्र और राज्य की अस्मिता को ताक पर रखकर काम कर रही है. देवनानी ने अकबर को आक्रांता बताया. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि उन्हें सभी पाठ्यक्रम में महान ही बताया जाता है तो उन्होंने कहा कि अकबर को शासक के तौर पर ऐसे पढ़ाया जाना स्वीकार किया जाता है लेकिन महान तो प्रताप ही थे. उन्होंने कहा, कांग्रेस के दो मंत्रियों के बीच प्रताप को लेकर विवाद है और ऐसे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सरकार का रुख स्पष्ट करना चाहिए.