Delhi: काली पट्टी बांधकर चुनाव आयोग से मिले TMC सांसद, दर्ज कराई Mamata Banerjee पर हमले की शिकायत
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Delhi: काली पट्टी बांधकर चुनाव आयोग से मिले TMC सांसद, दर्ज कराई Mamata Banerjee पर हमले की शिकायत

Mamata Banerjee ने बुधवार को पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम (Nandigram) सीट से अपना नामांकन दाखिल करने के बाद अपने ऊपर हमला होने का आरोप लगाया था. उन्होंने बताया कि 4 या 5 लोगों ने उन्हें तब धक्का दिया जब उनके साथ पुलिसकर्मी नहीं थे.

Delhi: काली पट्टी बांधकर चुनाव आयोग से मिले TMC सांसद, दर्ज कराई Mamata Banerjee पर हमले की शिकायत

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल (West Bengal) की सीएम ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पर नंदीग्राम में हुए कथित हमले की शिकायत करने 6 टीएमसी सांसद शुक्रवार को चुनाव आयोग (EC) गए. इस दौरान सभी ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और आयोग से कार्रवाई करने की अपील की.

1 घंटा 10 मिनट तक हुई बातचीत

टीएमसी नेता सौगत रॉय के नेतृत्व में दिल्ली आए पार्टी के 6 सांसदों ने कहा, 'हमने 1 घंटा 10  मिनट तक चुनाव अयोग से बातचीत की. हमारा मुद्दा नंदीग्राम में ममता बनर्जी पर हुए हमले की कार्रवाई कराना है. हमने आयोग को बताया कि यह कोई दुर्घटना नहीं थी, बल्कि उन्हें जानबूझकर चोट पहुंचाई गई है. बीजेपी नेता दिलीप घोष ने बोला था, नंदीग्राम में जाने से समझेगीं.'

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'CBI से ज्यादा शक्तिशाली है EC'

इसी क्रम में बोलते हुए रॉय ने नंदीग्राम सीट से बीजेपी उम्मीदवार शुवेंदु अधिकारी पर भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'शुवेंदु चश्मदीदों को धमका रहे हैं. इस मामले की हाई लेवल इन्क्वायरी होनी चहिए. उन्होंने बताया कि चुनाव के दौरान EC सबसे ज्यादा शक्तिशाली होता है. सीबीआई से भी ज्यादा. इन्हें ही जांच करना चाहिए. इस साजिश को चुनाव आयोग को ही रोकना पड़ेगा. चुनाव आयोग ने कार्रवाई करने की बात कही है. '

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नंदीग्राम में ममता पर हुआ हमला!

बुधवार को नंदीग्राम सीट से नामंकन दाखिल करने के बाद ममता बनर्जी ने अपने ऊपर हमला होने का आरोप लगाया था. उन्होंने बताया कि मंदिर से लौटते वक्त 4 से 5 लोगों ने कार के दरवाजे को धक्का दिया. इस हादसे में उनका पैर कार के दरवाजे में फंस गया और उन्हें चोट लग गई. सीएम ममता ने कहा, 'यह हादसा नहीं बल्कि एक साजिश है. उस वक्त मेरे साथ प्रशासन का कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था.'

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किसी ने नहीं दिया धक्का: चश्मदीद

इस हादसे के वक्त छात्र सुमन मैती मौके पर मौजूद थे. उनका कहना है कि जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यहां पहुंचीं, तब उनको देखने के लिए भीड़ जमा हो गई और लोग उन्हें घेरकर खड़े हो गए. इस दौरान उन्हें गर्दन और पैर पर चोट लगी. किसी ने उन्हें धक्का नहीं दिया. उनकी कार धीरे-धीरे चल रही थी.'

विपक्ष ने आरोपों को किया खारिज

वहीं विपक्ष ने ममता के साजिश के आरोपों को खारिज कर दिया और उनसे पूछा कि आखिर Z+ सुरक्षा घेरे में कैसे बाहरी लोग घुस गए. बंगाल बीजेपी उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा कि इस स्टंट के जरिए ममता सहानुभूति पैदा करने की कोशिश कर रही हैं. जब इस बारे में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी से बात की तो उन्होंने कहा कि ममता ने चुनावी मुश्किलों को भांपते हुए इस पब्लिक स्टंट की योजना बनाई है.

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