अलवर: निकाय चुनाव में कांग्रेस के टिकट के लिए भरिए 100 रुपए का फॉर्म और फिर...

राजस्थान के अलवर(Alwar) जिले में निकाय चुनाव(Urban Body Elections) में कांग्रेस पार्टी टिकटार्थियो को 100 रुपये का फार्म बेच रही है. इसके अलावा फार्म जमा करने के नाम पर 500 रुपये लिए जा रहे है. 

अलवर: निकाय चुनाव में कांग्रेस के टिकट के लिए भरिए 100 रुपए का फॉर्म और फिर...
अबतक 600 से अधिक आवेदन फार्म बिक चुके हैं.

जुगल किशोर गांधी, अलवर: अलवर(Alwar) जिले में निकाय चुनाव(Urban Body Elections) में कांग्रेस पार्टी टिकटार्थियों को 100 रुपये का फार्म बेच रही है. इसके अलावा फार्म जमा करने के नाम पर 500 रुपये लिए जा रहे है. जबकि बीजेपी(BJp) सहित अन्य पार्टियों में इस तरह कोई नकदी राशि नही ली जा रही है. इसको लेकर कांग्रेस आम लोगों के बीच खासी चर्चा में बनी हुई है.

अलवर जिले में निकाय चुनाव को लेकर राजनीति गर्माई हुई हैं. अलवर जिले में अलवर, भिवाड़ी(Bhilwadi) ओर थानागाजी(Thanagachi) में निकाय चुनाव होने वाले है इसलिए लिए राजनीतिक पार्टियां प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में लगी हुई है. 

कांग्रेस कार्यालय में टिकटार्थियों की लगी है कतार
अलवर जिले में कांग्रेस पार्टी की ओर अलवर के जगन्नाथ मंदिर के पास स्थित कांग्रेस कार्यालय में टिकटार्थियों की कतार लगी हुई है. कांग्रेस पार्टी की ओर टिकट मांगने वाले दावेदारों से पार्षद के टिकट फार्म 100 रुपये में बेचा जा रहा है और फार्म जमा करने के लिए सिक्योरिटी के नाम पर 500 रुपये जमा किये जा रहे है. इससे कांग्रेसी नेताओं ने भी नाराजगी जाहिर की है. 

बिक चुके हैं 600 फॉर्म
अलवर शहर में नगर परिषद चुनाव के लिए अबतक 600 से अधिक आवेदन फार्म बिक चुके हैं, जबकि 460 आवेदन जमा हो चुके हैं. कल आवेंदन जमा करने का अंतिम दिन है इसे देखते हुए अभी आवेंदन की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है. 

बीजेपी ने आवेदन रखा है निशुल्क
वहीं, बीजेपी की ओर स्व आवेदन की प्रक्रिया निशुल्क रखी गई और बीजेपी के पास 525 आवेदन जमा हुए है. वहीं, बसपा की ओर से एक नवंबर को पार्षद के प्रत्यशियो की लिस्ट जारी करने की बात कही जा रही है. 

आम लोगों के बीच हो रही है चर्चा
कांग्रेस पार्टी के द्वारा टिकट लिए जाने को लेकर लोगों में चर्चा बनी हुई है कि कांग्रेस पार्टी का खजाना इतना खाली है कि वह फार्म के नाम पर भी पैसे वसूल रही है प्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के बावजूद इस तरीके से पैसे वसूलने को लेकर खासी चर्चा अलवर शहर में बनी हुई है.