मौसम विभाग के खिलाफ पुलिस स्टेशन पहुंचा किसान, इस धारा के तहत दर्ज कराया मामला
Advertisement
trendingNow1559942

मौसम विभाग के खिलाफ पुलिस स्टेशन पहुंचा किसान, इस धारा के तहत दर्ज कराया मामला

सत्तार कुछ किसान दोस्तों के साथ लातूर के मुरुड पुलिस स्टेशन पहुंचे. यहां पर उन्होनें शिकायत दी है की मौसम विभाग ने गलत अनुमान लगाता है. जिसके कारण उन्हे नुकसान झेलना पडा है. 

सत्तार पटेल की लातूर के भिसेवाघोली गांव में रहते है. उनके पास 10 एकड़ की जमीन है. मौसम विभाग के अनुमान के बाद सत्तार ने अपने खेत में सोयाबीन बीज बोए.

लातूरः महाराष्ट्र के एक किसान ने मौसम विभाग के खिलाफ धोकाधडी का मामला दर्ज करने की शिकायत पुलिस स्टेशन में दर्ज की है. किसान का नाम है सत्तार पटेल. सत्तार लातूर जिले के भिसेवाघोली गाव के निवासी है. सत्तार कुछ किसान दोस्तों के साथ लातूर के मुरुड पुलिस स्टेशन पहुंचे. यहां पर उन्होनें शिकायत दी है की मौसम विभाग ने गलत अनुमान लगाता है. जिसके कारण उन्हे नुकसान झेलना पडा है. 

इस धारा के तहत दर्ज किया गया मामला
किसान की शिकायत पर पुलिस ने मौसम विभाग पर 420 धारा के तहत मामला दर्ज कर लिया है. किसान अब्दुल सत्तार ने बताया की "इस साल 97 प्रतिश बारिश का अनुमान मौसम विभाग घोषित किया था. लातूर के किसानों ने पहली छुटपुट बारिश में बीज बोए. अब वहां पर सब कुछ सूख चुका है. 

मौसम विभाग पर किसान ने लगाया आरोप
उन्होंने कहा कि इस सबके लिए मौसम विभाग जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि ना मौसम विभाग अनुमान जताता नहीं तो किसान बीज नहीं बोता. उन्होंने कहा कि किसान पहले ही परेशान है और मौसम विभाग की गलत जानकारी के कारण उनके साथ धोखाधड़ी हुई है. जिसके लिए मौसम विभाग के खिलाफ 420 का मामला दर्ज होना चाहिएऐसी हमारी मांग है.

सत्तार पटेल की लातूर के भिसेवाघोली गांव में रहते है. उनके पास 10 एकड़ की जमीन है. मौसम विभाग के अनुमान के बाद सत्तार ने अपने खेत में सोयाबीन बीज बोए. पहले कुछ दिनों में छुटपुट बारिश हो गई, जिसके बाद बारिश ने मुंह फेर लिया. लातूर जिला अब भी बारीश के लिए तरस रहा है. खेत में बोए बीज का नुकसान हो गया. सत्तार से सारे खेत में फिरसे ट्रक्टर चला दिया. अपने इस नुकसान के लिए मौसम विभाग जिम्मेदार है ऐसा सत्तार का कहना है.

सत्तार अकेले नहीं है. लातूर जिले के लगभग सभी किसानों को लगता है की मौसम विभाग ने उनके साथ धोखाधड़ी की है. सत्तार के साथी किसानों ने बताया की अगर मौसम विभाग सही अंदाजा लगाता तो वह ना ही बीज बोते और ना ही उन्हें नुकसान उठाना पड़ता. इसलिए वह चाहते हैं कि मौसम विभाग के खिलाफ धोकाधडी यानी 420 का मामला चलाया जाए.

Trending news