पुलवामा हमला: घायल जवान पहुंचा घर तो हुआ भव्य स्वागत, कहा- देश सेवा के लिए हमेशा तैयार हूं

पुलवामा हमला: घायल जवान पहुंचा घर तो हुआ भव्य स्वागत, कहा- देश सेवा के लिए हमेशा तैयार हूं

जवान ने हालांकि आतंकी हमले के बारे में कुछ नही बताया लेकिन खुशी जाहिर करते हुये कहा 'मैं अपनी प्यारी बेटी का दूसरा जन्मदिन मनाकर बहुत खुश हूं.' 

गोरखपुर: पुलवामा हमले में घायल सीआरपीएफ कांस्टेबल अवधेश कुमार उर्फ प्रेम इलाज के बाद बुधवार शाम अपने गांव आबादी सुखनी पहुंच गये जहां उनका भव्य स्वागत किया गया. जवान ने गुरुवार को अपनी बेटी का जन्म दिन भी मनाया. जवान ने हालांकि आतंकी हमले के बारे में कुछ नही बताया लेकिन खुशी जाहिर करते हुये कहा 'मैं अपनी प्यारी बेटी का दूसरा जन्मदिन मनाकर बहुत खुश हूं.' सेहत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मेरे हाथ और सिर में चोट आई थी और अब मैं ठीक हूं, देश की सेवा के लिये जब मुझे डयूटी पर बुलाया जायेगा मैं जाने को तैयार हूं.'

उनके पिता सत्यनारायण कुमार ने कहा,' मैंने अपने बेटे को श्रीनगर के अस्पताल में उस समय देखा था जब गृह मंत्री राजनाथ सिंह घायलों को देखने अस्पताल गये थे. इससे पहले उसने मुझसे फोन पर बात की थी और देवरिया के शहीद विजय मौर्य के बारे में बताया था लेकिन अपने घायल होने की बात नहीं बताई थी. ' अवधेश कुमार दिसंबर में छुट्टी पर घर आये थे.  उन्होंने सीआरपीएफ 2011 में ज्वाइन किया था. 

उधर भारत और पाकिस्तान के बीच शांति की वकालत करने के लिए ट्रोलिंग का सामना करने से बेपरवाह पुलवामा हमले में शहीद हुये सीआरपीएफ जवान बबलू संतरा की पत्नी मीता संतरा ने गुरुवार को जोर दिया कि वह वार्ता को ‘एक मौका दिये जाने’ के अपने विचार पर कायम हैं.

उन्होंने केन्द्र से पाकिस्तान द्वारा बुधवार को पकड़ लिए गए भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के पायलट अभिनंदन वर्तमान की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया. 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. शहीदों में मीता के पति बबलू भी शामिल थे.

मीता ने कहा कि वह अपने युद्ध विरोधी रुख के लिये सोशल मीडिया पर हुई अपनी आलोचना को लेकर चिंतित नहीं हैं. मीता ने कहा, "हमें युद्ध की जगह वार्ता को एक मौका देना चाहिये. युद्ध में ढेर सारे अन्य लोगों की जान जा सकती है." साथ ही उन्होंने भारत सरकार से अभिनंदन की वापसी के लिए सभी प्रयास करने का आग्रह किया. 

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी सरकार से पाकिस्तान से बातचीत करके विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का अनुरोध करती हूं. ’’ नियंत्रण रेखा पर दोनों तरफ की वायु सेनाओं के बीच टकराव में अभिनंदन को पकड़ लिया गया था.  इस दौरान पाकिस्तान के एफ-16 विमान को भी मार गिराया गया था.

आईएएफ को भी एक मिग 21 बिसन विमान गंवाना पड़ा. यह विमान अभिनंदन उड़ा रहे थे. अपने पति के शहीद होने के बाद आत्मघाती हमले का बदला लेने के लिये उठ रही आवाजों के बीच मीता सशक्त तरीके से युद्ध का विरोध कर रही हैं और जोर दे रही हैं कि युद्ध से बचना चाहिए क्योंकि इससे सीमा के दोनों तरफ कई लोगों की जान जाएगी, महिलाएं विधवा हो जाएंगी, माताओं की गोद सूनी हो जाएगी और बच्चों के पिता मारे जाएंगे.

मीता ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर युद्ध पर अपने रुख को लेकर ट्रोल्स की आलोचना से परेशान नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अगर एक व्यक्ति उनकी आलोचना करता है तो 10 अन्य लोग उनकी सोच की सराहना करते हैं. यहां तक कि ट्रोल्स ने अपने पति के लिए उनके प्यार पर भी सवाल किये.

छह वर्षीय एक बेटी की मां मीता ने कहा, ‘‘14 फरवरी के बाद मुझे कुछ भी असर नहीं कर रहा. कोई कुछ भी कहे, मैं परेशान नहीं हूं. ’’ हालांकि, उन्होंने आश्चर्य जताया कि क्या उनकी आलोचना करने वाले लोगों के परिवार का कोई सदस्य सशस्त्र बलों में है. 

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