उत्तर प्रदेश: बसपा के पूर्व जिला प्रभारी समेत छह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

मालिक संजय भाटी समेत छह लोगों के खिलाफ मंगलवार रात दादरी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. 

उत्तर प्रदेश: बसपा के पूर्व जिला प्रभारी समेत छह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर के पूर्व बीएसपी प्रभारी और बाइक बोट कंपनी के मालिक संजय भाटी समेत छह लोगों के खिलाफ मंगलवार रात दादरी थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने यह जानकारी दी. 

दादरी थाने के प्रभारी निरीक्षक राम सेन सिंह ने बताया कि जयपुर के रहने वाले सुनील कुमार मीणा ने बीती रात बाइक बोट कंपनी के मालिक संजय भाटी, राजेश भारद्वाज, सुनील कुमार, दीप्ति, सचिन भाटी, कर्णपाल को नामजद करते हुए धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है. 

थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता का दावा है कि उसने 2018 के अक्टूबर माह में दादरी के चीती गांव स्थित बाइक बोट कंपनी के लोगों से संपर्क किया था. उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि ओला और उबर की तर्ज पर उनकी कंपनी बाइक टैक्सी चलाती है और इसकी फ्रेंचाइजी देती है. 

पीड़ित द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार कंपनी के लोगों ने उन्हें एक साल के अंदर लागत से दुगनी रकम कमाने का प्रलोभन दिया. 

प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पीड़ित से बाइक बोट कंपनी के लोगों ने 34 लाख रुपया लिया, तथा उसके एवज में 51 मोटरसाइकिल टैक्सी देने का वादा किया. उन्होंने बताया कि कंपनी ने एक करार के तहत पीड़ित से कहा था कि वह एक वर्ष में 34 लाख के एवज में उन्हें 75 लाख रुपया देंगे. थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित के अनुसार उसके खाते में 4 माह के बाद भी अब तक कोई रकम नहीं आयी .

उन्होंने बताया कि राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में रहने वाले लोगों से उक्त कंपनी के लोगों ने इसी तर्ज पर करोड़ों की ठगी की है. पुलिस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही है. 

थाना प्रभारी ने बताया कि जांच के दौरान यह बात संज्ञान में आई है, कि बाइक बोट के मालिक संजय भाटी ने उक्त कंपनी में अपनी जगह किसी और को सीईओ बना दिया है. 

सूत्रों का दावा है कि बाइक बोट के मालिक संजय भाटी की राजस्थान से बसपा के एक विधायक से करीबी है. यह उसी के आधार पर जनपद गौतमबुद्ध नगर से भाटी बसपा प्रभारी का पद हासिल करने में सफल रहा था. हालांकि इसकी कारगुजारियों के बारे में मीडिया में खबर आने के बाद उसे तत्काल प्रभाव से पार्टी के जिला प्रभारी पद से हटा दिया गया था. (इनपुट: भाषा)