पहचान छिपाने वाले जमातियों पर त्रिवेंद्र सरकार सख्त, दर्ज होगा हत्या की कोशिश का मुकदमा

डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने अपील की है कि आम लोग भी जमातियों के बारे में सूचना दें. पुलिस मुख्यालय ने संदिग्धों की जानकारी देने के लिए 0135-2722100 नंबर जारी किया है.  

पहचान छिपाने वाले जमातियों पर त्रिवेंद्र सरकार सख्त, दर्ज होगा हत्या की कोशिश का मुकदमा

देहरादून: जमातियों से बढ़ रही कोरोना संक्रमितों की संख्या से देशभर में हड़कंप मचा हुआ है. उत्तराखंड शासन और प्रशासन ने अब छिपकर बैठे हुए जमातियों पर कड़ा एक्शन लेना शुरू कर दिया है. पुलिस ने तबलीगी जमातियों को खुद पेश होने का अल्टीमेटम दिया है. साथ ही चेतावनी दी है कि पहचान न बताने वाले कोरोना संक्रमित जमातियों पर हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज होगा. दरअसल, उत्तराखंड में भी जमातियों की वजह से कोरोना के संक्रमित मरीजों में इजाफा हुआ है. देहरादून की भगत सिंह कॉलोनी के 5 लोगों में कोविड-19 की पुष्टि हुई है. डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने अपील की है कि आम लोग भी जमातियों के बारे में सूचना दें. पुलिस मुख्यालय ने संदिग्धों की जानकारी देने के लिए 0135-2722100 नंबर जारी किया है.

चोरी-छिपे प्रदेश में एंट्री लेने वाले 6 जमातियों पर केस दर्ज
पुलिस ने जमातियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू भी कर दिए हैं. प्रदेश में चोरी-छिपे आने वाले 6 जमातियों के खिलाफ पुलिस ने नेशनल डिजास्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और पौड़ी में मुकदमे दर्ज किए गए हैं. डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने बताया कि अब दिल्ली से लौटे जमाती मिलते हैं, तो उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाएगा. अब तक कुल 36 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

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चेतावनी के बाद सामने आए जमाती
पुलिस की चेतावनी के बाद जमात में शामिल होकर आए कुछ लोगों ने प्रशासन से संपर्क भी शुरू किया है. भगत सिंह कॉलोनी और डोईवाला क्षेत्र में कई ऐसे लोगों ने संपर्क किया है जो जमात में शामिल होकर उत्तराखंड आए हैं. उधर, भगत सिंह कॉलोनी को सील करने के बाद प्रशासन और मेडिकल टीम ने कॉलोनी में ही अपना डेरा जमा लिया है. बता दें कि उत्तराखंड पुलिस ने कल ही चेतावनी जारी करते हुए कहा था कि सोमवार तक वो लोग प्रशासन को अपनी रिपोर्ट दें जो मरकज में शामिल होकर वापस आए हैं. ऐसा न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद से जमातियों में हड़कंप मचा हुआ है. जमाती कई दूसरे लोगों के नाम, पते और फोन नंबर भी प्रशासन को बताने लगे हैं.