UP: अधिकारी ने तंत्र-मंत्र से कराना चाहा DM का तबादला, पंडित ने किया मना तो कर दिया ये काम

बस्ती के रहने वाले पंडित देवस्य मिश्रा की पत्नी द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई एक शिकायत इन दिनों चर्चा में है.

UP: अधिकारी ने तंत्र-मंत्र से कराना चाहा DM का तबादला, पंडित ने किया मना तो कर दिया ये काम
मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई एक शिकायत इन दिनों चर्चा में है.

राघवेंद्र सिंह/बस्ती: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बस्ती (Basti) के रहने वाले पंडित देवस्य मिश्रा की पत्नी द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई एक शिकायत इन दिनों चर्चा में है.

आरोप है कि एक अधिकारी ने कमिश्नर और जिलाधिकारी के तबादले के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लेने की कोशिश की. दोनों अधिकारियों के तबादले के लिए कृषि विभाग के अधिकारी ने पूजा-पाठ करने वाले पंडित से मदद मांगी. लेकिन, आरोप है कि पंडित के मना करने पर अधिकारी ने खलिहान पक्कीकरण में मिलने वाले अनुदान की पत्रावली को ही निरस्त कर दिया. ये पत्रावली आदर्श कृषक महिला समूह की ओर से पंडित देवस्य मिश्रा की पत्नी वंदना मिश्रा ने जमा कराई थी. वहीं, अब वंदना मिश्रा ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करते हुए कार्रवाई की मांग की है.

दरअसल, कृषि विभाग में खलिहान पक्कीकरण के नाम पर महिला समूहों को एक लाख 70 हजार का अनुदान दिया जा रहा है. इसके लिए सदर तहसील के सदर ब्लॉक के ग्राम दौलतपुर की महिला कृषक और आदर्श कृषक महिला समूह की अध्यक्षा वंदना मिश्रा पत्नी देवस्य मिश्र ने 28 फरवरी 2019 को आवेदन किया.

वंदना मिश्रा का आरोप है कि पहले तो संयुक्त कृषि निदेशक संजय त्रिपाठी और कार्यालय वालों ने 50 हजार रुपये की मांग की, जब रुपया देने से इंकार कर दिया तो अधिकारी ने कहा कि पंडितजी से कहिए कि वो कमिश्नर और जिलाधिकारी का तबादला करने के लिए घर में आकर पूजा-पाठ करें.

सीएम को लिखे शिकायती पत्र में महिला ने बताया कि जब उनके पति ने इस तरह के पूजा-पाठ से इंकार कर दिया तो उसके अनुदान वाली पत्रावली को ही निरस्त कर दिया गया. महिला का ये भी आरोप है कि 17 ऐसे समूहों को अनुदान दे दिया जो पात्रता की श्रेणी में ही नहीं आती हैं. इसकी एवज में भारी कमिश्न भी लिया गया.

उधर, संयुक्त कृषि निदेशक संजय त्रिपाठी ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि जबरन योजना का लाभ लेने के लिए ऐसा अनर्गल आरोप लगाए जा रहा हैं.

हालांकि, अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि जिलाधिकारी और कमिश्नर के तबादले के लिए अधिकारी ने किसी दूसरे पंडितजी का सहारा लिया या नहीं. मगर, ये चर्चा का विषय जरुर बन गया है.