लाल मिर्च पाउडर फेंक की ताबड़तोड़ फायरिंग और कुख्यात गैंगस्टर को कस्टडी से छुड़ा ले गए बदमाश

इस पूरी वारदात में पुलिस टीम का एक दरोगा भी बदमाशो की गोली लगने से घायल हो गया, पुलिस द्वारा घायल दरोगा को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां घायल दरोगा की हालत गंभीर के चलते मेरठ रेफर कर दिया है.

लाल मिर्च पाउडर फेंक की ताबड़तोड़ फायरिंग और कुख्यात गैंगस्टर को कस्टडी से छुड़ा ले गए बदमाश
पुलिस हिरासत से फरार कुख्यात गैंगस्टर रोहित.

मुजफ्फरनगर: मुजफ्फरनगर में मंगलवार (02 जुलाई) को दिनदहाड़े कार सवार बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर उस समय अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जब मिर्जापुर से पुलिस टीम एक बदमाश को मुजफ्फरनगर कोर्ट में पेशी पर लेकर आई थी. बदमाशों ने पुलिस टीम पर लाल मिर्च पाउडर फेंक कर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी और बदमाश को छुड़ाकर फरार हो गए. 

इस पूरी वारदात में पुलिस टीम का एक दरोगा भी बदमाशो की गोली लगने से घायल हो गया, पुलिस द्वारा घायल दरोगा को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां घायल दरोगा की हालत गंभीर के चलते मेरठ रेफर कर दिया है.

दरअसल मामला थाना जानसठ कोतवली क्षेत्र के सलारपुर रोड स्थित होटल का है. वाक्या उस समय का है जब मिर्जापुर से एक पुलिस टीम मुजफ्फरनगर कोर्ट में एक बदमाश को पेशी पर लेकर आई थी. कोर्ट में पेश करने के बाद रोहित उर्फ सांडू नाम के इस बदमाश को पुलिस अभिरक्षा में जब टीम वापस मिर्जापुर ले जा रही थी, तो उसी दौरान जानसठ के पास एक होटल पर पुलिस टीम खाना खाने के लिए रुकी थी. 

तभी एक कार सवार तीन बदमाश वहां पहुंचे, जिन्होंने पूरी पुलिस टीम पर लाल मिर्ची पाउडर फेंक दिया और जिसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू दी. पुलिस टीम की तरफ से भी कई राउंड फायर किए गए, लेकिन इस फायरिंग में बदमाश पुलिस अभिरक्षा से बंदी रोहित उर्फ सांडू को छुड़ाकर फरार होने में कामयाब हो गए. इस घटना में पुलिस टीम का एक दरोगा विजय भी गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे आनन-फानन में ईलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया जहां पर उसका इलाज चल रहा था लेकिन उसकी गंभीर अवस्था को देखते हुए मेरठ रेफर कर दिया है. 

पुलिस अभिरक्षा से जिस बदमाश को कार सवार बदमाश लेकर फरार हुए हैं. उस बदमाश का नाम रोहित उर्फ सांडू है, जो मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है, जिसके खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज है और वह काफी लम्बे समय से जेल में बंद था. 

प्रत्यक्षदर्शी सिपाही ने जानकारी देते हुए बताया कि रात भर के जगे थे और हम लोग फिर खाना खाने जा रहे थे. जैसे हम खाना खाने बैठे तीन आदमी आए आते ही उन्होंने कुछ फेंका और फायरिंग शुरू कर दी. गोली सीधे दरोगा को लगी जब तक हम दरोगा को संभालते तब तक वह लोग उसको लेकर फरार हो गए. उनके पीछे हम दौड़े हमने फायर भी की. लेकिन वह लोग कार में बैठे और भाग गए.