उत्तर प्रदेश: कैदी अब दो बार घर कर पाएंगे बात, जेल में लगे PCO का होगा इस्तेमाल

इस कवायद का मकसद जेल में कैदियों के द्वारा जो मोबाइल चोरी छिपे रखा जाता था उसे खत्म करना है.

उत्तर प्रदेश: कैदी अब दो बार घर कर पाएंगे बात, जेल में लगे PCO का होगा इस्तेमाल
कैदियों को अपने घर वालों से 2 बार एक हफ्ते में 5 मिनट बात करने को दिया जाएगा.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की जेलों को लगातार हाईटेक बनाने की कवायद में कई प्रयोग किए जा रहें हैं. प्रदेश की जेलों में हाईटेक मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ-साथ कई और सुविधाएं देने के भी प्रयास हो रहें हैं. इसी क्रम में अब कैदियों को जेल में लगे PCO से एक सप्ताह में अपने चिन्हित परिजनों से दो बार बात करने की सुविधा मिलेगी.

कैदियों को अपने घर वालों से 2 बार एक हफ्ते में 5 मिनट बात करने को दिया जाएगा. जेल में लगे पीसीओ से बात करने की सुविधा जेल प्रशासन की निगरानी में दी जाएगी. इस कवायद का मकसद जेल में कैदियों के द्वारा जो मोबाइल चोरी छिपे रखा जाता था उसे खत्म करना है.
इससे पहले जेल प्रशासन ने ये सख्त कदम भी उठाया था कि जेल का कोई भी व्यक्ति जेल के एक घेरे के बाद फोन अंदर न ले जाए. नहीं तो सख्त कार्रवाई होगी.

गौरतलब है कि पहले भी कई जेल में टेलीफोन की सुविधा थी. लेकिन अब नए तरीके से इसका उपयोग किया जाएगा और जहां सुविधा नहीं है, वहां टेलीफोन की सुविधा कैदियों के लिए की जा रहा है.

साथ ही 68 जेलों की मॉनिटरिंग 2750 हाईटेक कैमरों से की जा रही है. जिसकी मॉनिटरिंग एक कंट्रोल रूम से लाइव फीड के द्वारा की जा रही है.