#TigerStateOfIndia: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बढ़ी बाघों की संख्या
बाघों की संख्या के मामले में उत्तराखंड तीसरे नम्बर पर पहुंच गया है. 2006 में उत्तराखंड में 178 बाघ थे.
- उत्तराखंड में बाघों की संख्या बढ़कर पहुंची 442
- उत्तर प्रदेश में बाघों की संख्या 173 तक पहुंच गई है
- मध्यप्रदेश पहले नम्बर पर और उत्तराखंड तीसरे नम्बर पर
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देहरादूनः अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस (International Tiger Day) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ऑल इंडिया टाइगर एस्टिमेशन के चौथे चक्र के परिणाम जारी किए गए. बाघों की गणना के संबंध में पीएम मोदी ने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि 2014 में बाघों की संख्या 2,226 थी. 2018 में यह बढ़कर 2,967 हो गई है. यूपी और उत्तराखंड में बाघों की संख्या में इजाफा हुआ है.
बाघों की संख्या के मामले में उत्तराखंड तीसरे नम्बर पर पहुंच गया है. उत्तराखंड में 442 बाघ पाए गए. उत्तराखंड में 2006 में 178 बाघ थे. 2010 में बाघों की संख्या बढ़कर 227 तक पहुंच गई. 2014 में बाघों की संख्या बढ़कर 340 हुई और 2018 में बाघों की संख्या 442 तक पहुंच गई है. बता दें कि बाघों के मामले में मध्यप्रदेश पहले नम्बर पर है यहां 526 बाघ मिले इसके बाद कर्नाटक का नंबर आता है. यहां बाघों की संख्या 524 है.
यूपी में आंकड़े काफी संतोषजनक
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 2006 से बाघों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. हालांकि 2014 में उत्तर प्रदेश में हुई बाघों की गणना में बहुत ज्यादा उत्साहजनक आंकड़े नहीं आए. लेकिन 2018 में यह आंकड़े काफी संतोषजनक कहे जा सकते हैं.
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2006 से बाघों की गणना का काम पूरे भारतवर्ष में शुरू हुआ. उत्तर प्रदेश में 2006 में 109 बाघ थे जबकि 2010 तक इन बाघों की संख्या बढ़कर 118 तक पहुंची. 2014 में बाघों की संख्या में मामूली गिरावट आई और यह घटकर 117 ही रह गए. लेकिन सोमवार को जारी हुई बाघों की गणना की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को भी काफी उत्साहजनक आंकड़े प्राप्त हुए उत्तर प्रदेश में इस समय 173 बाघ हैं.
बाघों की संख्या में कमी
वहीं छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या में हुई भारी कमी देखी गई है. छत्तीसगढ़ में कुल 19 बाघ ही रह गए हैं. 2014 में छत्तीसगढ़ में 46 बाघ पाए गए थे जो अब घटकर 19 ही रह गए हैं.
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