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'बाघों की संख्‍या 2022 तक दोगुना करने का था लक्ष्‍य, हमने 4 साल पहले ही हासिल किया'

अंतरराष्‍ट्रीय बाघ दिवस ( International Tiger Day) पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस अवसर पर बाघों की सुरक्षा के संबंध में हम अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं.

'बाघों की संख्‍या 2022 तक दोगुना करने का था लक्ष्‍य, हमने 4 साल पहले ही हासिल किया'
पीएम नरेंद्र मोदी ने बाघों की संख्‍या के आंकड़े जारी किए.

नई दिल्‍ली: अंतरराष्‍ट्रीय बाघ दिवस ( International Tiger Day) पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस अवसर पर बाघों की सुरक्षा के संबंध में हम अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं. बाघों की संख्‍या के बारे में जो आंकड़े जारी किए गए हैं, उससे प्रत्‍येक भारतीय को गर्व होगा. नौ साल पहले यानी 2010 में रूस के सेंट पीट्सबर्ग में अंतरराष्‍ट्रीय बिरादरी के समक्ष 2022 तक बाघों की संख्‍या दोगुना करने का लक्ष्‍य रखा गया था. हमने चार साल पहले ही बाघों के बचाने के लक्ष्‍य को हासिल कर लिया. उन्‍होंने कहा कि भारत बाघों के संरक्षण के लिए दुनिया में सबसे बेहतरीन जगह है. बाघों की गणना के संबंध में उन्‍होंने आंकड़े जारी करते हुए कहा कि 2014 में बाघों की संख्‍या 2,226 थी. 2018 में यह बढ़कर 2,967 हो गई.

इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कुछ साल पहले देश भर में कुल 1400 बाघ ही बचे थे लेकिन बाघों की संख्‍या बढ़कर अब 2,967 हो गई है. ये वाकई बेहद खुशी की बात है. उन्‍होंने कहा कि बाघों की संख्‍या के संबंध में 3 लाख 80 हजार वर्ग किमी का सर्वे हुआ. 26 हजार कैमरा ट्रैप्स लगे थे. 3.5 लाख फोटो आये और उसमें 76 हजार टाइगर फोटो आए.

उन्‍होंने कहा कि इस काम में पीएम मोदी ने हमारा मार्गदर्शन किया. नतीजतन पिछले 5 साल में वन क्षेत्र बढ़ा है. 15 हजार वर्ग किमी से ज्यादा फारेस्ट कवर बढ़ा है. सारे जीवन प्राणी हमारे जीवन का हिस्सा हैं. आज पूरी दुनिया सलाम करेगी कि बाघों के विकास का इतना बड़ा काम भारत ने किया है. बाघों की गणना का ब्यौरा हर चार साल में जारी किया जाता है. पिछली गणना वर्ष 2014 में हुई थी.