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यूपी राज्‍यसभा चुनाव : कौन होगा पास, किसका बिगड़ेगा गणित?

बीजेपी ने अपने 9 प्रत्याक्षियों को चुनावी रण में उतारकर, राज्यसभा चुनाव के बहाने गोरखपुर और फूलपुर में सपा-बसपा की दोस्ती से मिली हार का हिसाब-किताब बराबर करना चाहती है. 

यूपी राज्‍यसभा चुनाव : कौन होगा पास, किसका बिगड़ेगा गणित?
उत्तर प्रदेश की 10 राज्‍यसभा सीटों पर आज हो चुनाव हो रहे हैं. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले राज्यसभा की तस्वीर बदलने वाली है. उत्तर प्रदेश की 10 राज्‍यसभा सीटों पर आज हो चुनाव हो रहे हैं और उपचुनाव के बाद बीजेपी ने अपने एक अतिरिक्त प्रत्याशी को मैदान में उतारकर प्रदेश के सियासी समीकरणों के बीच होने वाले मुकाबले को काफी रोचक बना दिया है. 

बीजेपी ने विपक्ष को घेरने की पूरी व्यूहरचना की है. हाईकोर्ट ने सपा और बीएसपी के दो विधायकों के जेल से बाहर आकर वोट देने की अर्जी को खारिज कर दिया है. इसके बाद दोनों पार्टियों की मुसीबत थोड़ी बढ़ गई है. बीजेपी ने अपने 9 प्रत्याक्षियों को चुनावी रण में उतारकर, राज्यसभा चुनाव के बहाने गोरखपुर और फूलपुर में सपा-बसपा की दोस्ती से मिली हार का हिसाब-किताब बराबर करना चाहती है. लखनऊ के विधानसभा में सुबह 9 बजे से शाम को 4 बजे तक पड़ने वाले इन वोटों में 'क्रॉस वोटिंग' की संभावना है, जो बीएसपी की राजनीतिक बिसात को बिगाड़ सकती है. 

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क्या कहता है गणित
राज्यसभा के लिए उत्तर प्रदेश में किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए 37 एमएलए के समर्थन की जरूरत होगी. विधानसभा की 403 सीटों में से बीजेपी के पास 311 सीटें हैं. ऐसे में बीजेपी का 8 सीटों पर जीतना लगभग तय लग रहा है. समाजवादी पार्टी के पास 47 सीटें हैं ऐसे में उन्हें एक सदस्य को राज्यसभा भेजने का मौका मिलेगा. कांग्रेस के खाते में इस वक्त 7 एमएलए है. कांग्रेस और बहुजन समाजवादी पार्टी एक साथ मिलकर भी अपना एक उम्मीदवार नहीं जीता सकते. इसके लिए उसे सपा की मदद लेनी होगा. हालांकि सपा ने समर्थन देने का फैसला किया है, लेकिन सपा के बागी बीएसपी और सपा के गठबंधन को हिट होने नुकसान पहुंचा सकते हैं.

क्रॉस वोटिंग बिगाड़ेगा समीकरण
चुनावी समीकरणों को देखते हुए यह आशंका है कि मतदान के दौरान विपक्ष के वोटों में क्रॉस वोटिंग हो सकती है. गुरुवार (22 मार्च) को बैठक और भोज के जरिये विधायकों को सहेजने में सत्ता और विपक्ष ने तेजी दिखाई, लेकिन, चुनाव से एक दिन पहले ही सपा के कार्यक्रम में निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह और विनोद सरोज पहुंचे और उन्होंने पूरे समीकरण को बदलकर रख दिया. इससे पहले बीजेपी उनके वोट का दावा कर रही थी. वहीं कांग्रेस के भी दो विधायकों के बीजेपी के संपर्क में होने की खबर है. 

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सपा ने बसपा को सौंपी सूची
जानकारी के मुताबिक, गठबंधन में कोई दरार न आए इसके लिए बसपा उम्मीदवार के लिए सपा से आठ विश्वसनीय विधायकों की सूची दी गई है. उधर, बीजेपी के रणनीतिकारों का कहना है कि अंतिम दौर में रघुराज प्रताप बीजेपी का ही साथ निभाएंगे. संभावना जताई जा रही है कि सपा रघुराज और विनोद का मत मिलने के बाद बसपा उम्मीदवार को अपने एक-दो और विधायक आवंटित कर दे.  

सुरक्षा का पूरा इंतजाम
राज्यसभा चुनाव के लिए सभी तैयारियों के साथ सुरक्षा-व्यवस्था के पूरे इंतजाम होने का दावा किया गया है. विधायकों को मोबाइल फोन ले जाने पर भी मनाही है. संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने चुनाव तैयारियों की समीक्षा की है.