देवरिया में 15 फर्जी शिक्षक बर्खास्त: जाली सर्टिफिकेट के सहारे कर रहे थे नौकरी, मुकदमा दर्ज; वेतन की रिकवरी भी होगी
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देवरिया में 15 फर्जी शिक्षक बर्खास्त: जाली सर्टिफिकेट के सहारे कर रहे थे नौकरी, मुकदमा दर्ज; वेतन की रिकवरी भी होगी

Deoria Fake teacher Case:  बीते दिनों बर्खास्त किए गए 15 अध्यापकों के विरुद्ध थाने में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी जा चुकी है. देवरिया जिले में बीते दो सालों में 69 फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त की जा चुकी है.

सांकेतिक तस्वीर.

Deoria Fake teacher Case: त्रिपुरेश त्रिपाठी/देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में 15 फर्जी अध्यापकों को बर्खास्त कर दिया गया है. ये फर्जी टीचर कूटरचित दस्तावेजों, फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी कर रहे थे. सभी फर्जी अध्यापकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने थाने में तहरीर दे दी है. बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विभागीय जांच में इस बात की पुष्टि हुई. इन सबकी सेवा समाप्त कर दी गई है. 

ये हैं बर्खास्त किए गए फर्जी अध्यापक 
जो 15 फर्जी अध्यापक बर्खास्त किए गए हैं, उनके नाम क्रमश: लल्लन यादव, चंद्र भूषण यादव, ऋषिकेश कुमार, रणजीत कुमार यादव, नथनी प्रसाद भारती, सुमेश्वर कुमार मिश्र, अनुराग मिश्र, राम भरोसे, वीणा रानी, वृंदा लाल गौतम, रितेश कुमार सिंह, रामानुज मिश्र, रीता यादव, वसुंधरा यादव शामिल है. 

बीते दो सालों में 69 फर्जी टीचर की सेवा की जा चुकी है समाप्त
बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष राय ने बताया कि बीते दिनों बर्खास्त किए गए 15 अध्यापकों के विरुद्ध थाने में मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी जा चुकी है. उन्होंने बताया कि देवरिया जिले में बीते दो सालों में 69 फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्त की जा चुकी है. शिकायतों के आधार पर एसटीएफ द्वारा और विभाग द्वारा भी जांच कराई गई. जांच में सभी टीचर फर्जी पाए गए और सबकी सेवा समाप्त कर दी गई. इनमें से 55 के ऊपर मुकदमा भी दर्ज हो चुका है. बाकी पर भी मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई चल रही है. 

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विभाग की सख्त कार्रवाई से मचा हड़कंप
बेसिक विभाग में लगातार फर्जी अध्यापकों के विरुद्ध अभियान से बेसिक विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. जो भी अध्यापक फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी कर रहे हैं, वह काफी डरे हुए हैं. कभी भी उनकी जांच हो सकती है और उनकी सेवा भी समाप्त हो जाएगी. इसके साथ ही मुकदमा भी दर्ज होगा और वेतन की रिकवरी भी होगी. 

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