अधिवक्ता महेंद्र प्रताप ने कहा " सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास पेश करने के लिए कुछ ऐसा खास नहीं है. एक हवाबाजी शो करने के लिए उन्होंने यह सब किया है. उनके पास कोई तथ्य तो है नहीं. एक तरह से उन्होंने एक प्रोपेगेंडा रचने का प्रयास किया है.
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मथुराः श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में सुनवाई हुई. अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह की याचिका पर न्यायालय ने सुनवाई की. अब न्यायालय 10 मई को अगली सुनवाई करेगा. श्री कृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने को लेकर दायर वाद में याचिकाकर्ता द्वारा न्यायालय से शाही ईदगाह पर स्टे लगाने और कमीशन गठित करने के साथ ही एएसआई द्वारा सर्वे कराने की मांग की है.
सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा याचिका को आधारहीन
सुनवाई के दौरान सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा याचिकाकर्ता की याचिका को गलत बताते हुए कहा कि यह याचिका आधारहीन है. साथ ही मुस्लिम पक्ष द्वारा कहा गया कि ना तो कोई कागजात न्यायालय में पेश किए गए हैं और ना ही कोई नोटिस प्राप्त हुए हैं. न्यायालय में पूरे मामले की सुनवाई 10 मई को होगी. इसमें सुन्नी वक्फ बोर्ड के साथ ही शाही ईदगाह कमेटी भी अपना पक्ष रखेगी.
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अगली सुनवाई पर देंगे जवाब
याचिकाकर्ता अधिवक्ता महेंद्र प्रताप ने बताया "आज श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले पर सुनवाई होनी थी, जिसमें विशेष रूप से बहस हुई है. सुन्नी वक्फ बोर्ड के अधिवक्ता ने बहस शुरू की है. हमने कहा कि पहले आप बहस कर लीजिए, उसके बाद हम बात करेंगे. उनकी हर बात हमने सुनी और नोट की है. अगली डेट पर हम इसका जवाब देंगे. न्यायालय के द्वारा अग्रिम तिथि 10 मई दी गई है. अभी उनकी तरफ से और बहस होनी है".
उन्होंने एक प्रोपेगेंडा रचने का प्रयास किया- महेंद्र प्रताप
अधिवक्ता महेंद्र प्रताप ने कहा "उनके पास कुछ ऐसा खास नहीं है. एक हवाबाजी शो करने के लिए उन्होंने यह सब किया है. उनके पास कोई तथ्य तो है नहीं. एक तरह से उन्होंने एक प्रोपेगेंडा रचने का प्रयास किया है. अगली तारीख पर सुनवाई होगी. अभी उनकी ओर से बहस होनी है. इसके बाद शाही ईदगाह की तरफ से भी बहस होनी है. उनकी एविडेंस पूरे होने के बाद फिर हमारी बहस होनी है. अधिवक्ता का कहना है कि सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास कहने के लिए कुछ नहीं है पहले जो कहते हैं वही बात आज उन्होंने कही है".
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साक्ष्य के रूप में कोई डॉक्यूमेंट पेश नहीं किया- महेंद्र प्रताप
अधिवक्ता महेंद्र प्रताप ने बताया "आज सुनवाई थी. हमारी तरफ से एप्लीकेशन लगाई गई थी. सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कहा कि मुकदमा चलने योग्य ही नहीं है. आज उनकी तरफ से बहस शुरू हो गई है. तमाम बिंदुओं को न्यायालय के समक्ष रखा गया, जिसके तहत पत्रावली में वादी पक्ष ने अपनी बात कही गई है उसमें कहीं भी उन्होंने साक्ष्य के रूप में कोई डॉक्यूमेंट पेश नहीं किया. किसी मुकदमे की नकल पेश नहीं की. जमीन का कागजात पेश नहीं किया. बहस आगे भी जारी रहेगी".
सुनवाई के लिए अग्रिम तारीख 10 मई तय की गई है
अधिवक्ता ने यह भी कहा "विभिन्न कानूनी पहलुओं पर बहस हुई है. न्यायालय के समक्ष मेरे द्वारा अपने पक्षकार का पक्ष रखा गया. यह बताया गया कि यह जो 4 लोगों ने मुकदमा दाखिल किया है किस तरह से आधार हीन है. अभी बहस चल रही है. सुनवाई के लिए अग्रिम तारीख 10 मई लगा दी गई है. 10 मई को सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से बहस समाप्त होने के बाद शाही ईदगाह मस्जिद की ओर से बहस और अपना पक्ष रखेंगे. उसके बाद जो वादी पक्ष की तमाम बातों का हम जवाब देंगे".
यह है मामला
बता दें कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में लगातार सुनवाई चल रही है. इस मामले में 13.37 एकड़ की पूरी जमीन श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपने की मांग की जा रही है. वहीं, कृष्ण जन्मस्थान परिसर में शाही मस्जिद ईदगाह को हटाने की मांग की जा रही है.
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