विदेश से आने वाले भारतीयों का तैयार किया जाएगा डाटा बेस, मिलेंगे रोजगार के अवसर

कौशल विकास मंत्रालय SWADES के जरिये स्किल मैपिंग कर रहा है. वंदे भारत मिशन द्वारा लौटे भारतीयों को रोजगार के अवसर मिलेंगे.

विदेश से आने वाले भारतीयों का तैयार किया जाएगा डाटा बेस, मिलेंगे रोजगार के अवसर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी को भी एक अवसर के रूप में देखने की गुजारिश की थी. देश के साथ ही अपने मंत्रियों को भी अवसर को भुनाने का निर्देश दिया था. अब स्किल मंत्रालय ने इस दिशा में नई पहल की है. विदेश से लौटने वाले भारतीयों का न सिर्फ स्किल मैपिंग किया जाएगा, ​बल्कि उनका एक विस्तृत डाटा बैंक भी तैयार किया जाएगा. इसके आधार पर भविष्य में उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किया जाएगा

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) के स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के साथ साझेदारी के माध्यम से भारत सरकार ने कोरोना महामारी के कारण देश में वापस लौटने वाले कुशल कार्यबल को रोजगार का नया अवसर सुलभ बनाएगा. वंदे भारत मिशन के तहत लौटने वाले नागरिकों की स्किल मैपिंग एक्सरसाइज़ का संचालन करने के लिए एक नई पहल "SWADES" (स्किल्ड वर्कर्स अराइवल डेटाबेस फॉर एम्प्लॉयमेंट सपोर्ट) शुरू की गई है.

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इस एक्सरसाइज के माध्यम से, स्किल इंडिया और अन्य मंत्रालयों का लक्ष्य, कौशल और अनुभव के आधार पर योग्य नागरिकों का एक डेटाबेस तैयार करना है, जिसे भारतीय और विदेशी कंपनियों की मांग को पूरा करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है.

स्किल इंडिया एकत्रित जानकारी को देश में उपयुक्त प्लेसमेंट अवसरों के लिए कंपनियों के साथ साझा करेगा. लौटने वाले नागरिकों को एक SWADES स्किल फॉर्म भरने की आवश्यकता है और इसके बाद SWADES स्किल कार्ड जारी किए जाएंगे.

data base skilled workers

राज्य सरकारों, उद्योग संघों और नियोक्ताओं सहित सभी प्रमुख स्टॉकहोल्डरो के साथ चर्चा के माध्यम से उपयुक्त रोजगार के अवसर प्रदान किए जाने वाले नागरिकों के लिए ये कार्ड, एक स्ट्रेटीजिक फ्रेमवर्क की सुविधा प्रदान करेगा. MSDE का कार्यान्वयन संगठन राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) परियोजना के कार्यान्वयन में सहयोग कर रहा है.

दुनिया भर में कोविड-19 के प्रसार के कारण एक महत्वपूर्ण आर्थिक प्रभाव पड़ा है. जिससे हजारों श्रमिक अपनी नौकरी गंवा रहे हैं. और वैश्विक स्तर पर सैकड़ों कंपनियां बंद हो रही हैं. आगे के रोजगार की संभावनाओं के छोटे विकल्प के साथ, कई नागरिक भारत सरकार के वंदे भारत मिशन के माध्यम से देश में वापस लौट रहे हैं। लाखों नागरिकों ने देश में वापस आने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मिशनों में पंजीकरण कराया है और अब तक 35,000 से अधिक लोग वापस देश लौट आए हैं. वंदे भारत का एक फोकस क्षेत्र खाड़ी क्षेत्र है, जहाँ वर्तमान में 80 लाख से अधिक नागरिक रहते हैं. www.nsdcindia.org/swades 

पर उपलब्ध ऑनलाइन फॉर्म, वापस लौटने वाले नागरिकों के आवश्यक विवरण को एकत्र करने के लिए बनाया गया है. इस फॉर्म के अंतर्गत व्यक्ति के कार्य क्षेत्र, नौकरी का शीर्षक, रोजगार, अनुभव के वर्षों से संबंधित विवरण एकत्र किए जा रहे हैं. फॉर्म भरने से संबंधित किसी भी प्रश्न के जवाब एवं नागरिकों की हरसंभव सहायता के लिए एक टोल फ्री कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया है. SWADES स्किल फॉर्म (ऑनलाइन) को हाल ही में लाइव किया गया था और अभी तक लगभग 4500 पंजीकरण प्राप्त किए जा चुके हैं. 

skill mapping

अब तक जितने आंकड़े एकत्र किये गए हैं, उसके आधार पर संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कुवैत, कतर और सऊदी अरब ऐसे शीर्ष देश हैं, जहां से सबसे ज्यादा भारतीय नागरिक वापस आये हैं। स्किल मैपिंग के अनुसार, यह नागरिक वहां मुख्य रूप से तेल और गैस, विमानन, निर्माण, पर्यटन और आतिथ्य, आईटी और आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में कार्यरत थे. इन आंकड़ो से यह भी पता चला है कि केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में सबसे ज्यादा श्रमिक विदेशों से वापस लौटे हैं. यानी पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प को पूरा करने में हर मंत्रालय अपनी तरफ से योगदान देना शुरू कर दिया है. और कौशल विकास मंत्रालय की ये पहल उसी दिशा में एक बड़ा कदम है.

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