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नलगोंडा लोकसभा सीट: कांग्रेस और टीआरएस के बीच संघर्ष, सीपीएम करेगी वापसी की कोशिश

नलगोंडा लोकसभा सीट पर पहले चरण की वोटिंग में 66.11 फीसदी मतदान हुआ. अब 23 मई को आने वाले चुनावी रिजल्ट में इन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो जाएगा.

नलगोंडा लोकसभा सीट: कांग्रेस और टीआरएस के बीच संघर्ष, सीपीएम करेगी वापसी की कोशिश
नलगोंडा से कांग्रेस के उम्मीदवार उत्तम कुमार रेड्डी. (फाइल)

नलगोंडा: तेलंगाना की नलगोंडा (Nalgonda) लोकसभा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है. तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) ने इस बार यहां पर नरसिम्हा रेड्डी पर दांव लगाया है तो कांग्रेस ने उनके खिलाफ उत्तम कुमार रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है. वहीं बीजेपी ने गर्लापति जीतेंद्र कुमार और सीपीएम ने मल्लू लक्ष्मी को चुनावी मैदान में उतारा है. इस लोकसभा सीट पर पहले चरण की वोटिंग में 66.11 फीसदी मतदान हुआ. अब 23 मई को आने वाले चुनावी रिजल्ट में इन प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो जाएगा.

दरअसल, तेलंगाना की सभी 17 सीटों पर पहले चरण यानी 11 अप्रैल को वोटिंग हो चुकी है. 10 मार्च को लोकसभा चुनावों की घोषणा के बाद 18 मार्च को यहां नोटिफिकेशन निकाला गया और 25 मार्च को नॉमिनेशन की अंतिम तारीख घोषित की गई. इसके बाद 26 मार्च को प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई और 11 अप्रैल को वोटिंग हुई.

2014 के आम चुनाव में नलगोंडा सीट से कांग्रेस के Gutha Sukender Reddy ने जीत हासिल की थी. उन्हें मतदान के 39.69 फीसद यानी 4,72,093 मत मिले थे. वहीं टीडीपी नेता Tera Chinnapa Reddy 23.45 प्रतिशत (2,72,937) वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे थे. इनके अलावा राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी टीआरएस के प्रत्याशी Dr.Palla Rajeswar Reddy 21.92 फीसदी मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे. वहीं, सीपीएम (आई) के उम्मीदवार Nandyala Narsimha Reddy को महज 54,423 वोट मिले.

यहां बता दें कि आजादी के बाद से ही अस्तित्व में आई आंध्रप्रदेश (अब तेलंगाना) की नलगोंडा सीट पर सीपीएम (आई) का कब्जा रहा है. यहां पहली बार रवि नारायण रेड्डी सांसद बने थे. अब तक 16 बार हुए आम चुनावों में सीपीआई को यहां 7 बार फतह मिल चुकी है. वहीं 6 बार कांग्रेस जीत चुकी है. इसके अलावा दो बार टीडीपी और एक बार तेलंगाना प्रजा समिति का प्रतिनिधि इस सीट से चुनकर संसद में जा चुका है.

पता हो कि भारत के आंध्रप्रदेश राज्य से अलग होकर तेलंगाना भारत का 29वां राज्य बना था. दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी हैदराबाद है. राज्य में मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव की अगुवाई में टीआरएस पार्टी की सरकार है. इस राज्य में 119 विधानसभा सीटें और 17 लोकसभा सीटें हैं. वहीं प्रदेश में कुल जिलों की संख्या 31 है.