लोकसभा चुनाव 2019: मधेपुरा में त्रिशंकू संघर्ष के आसार, यदुवंशियों के बीच होगा युद्ध

बिहार के मधेपुरा लोकसभा सीट पर त्रिशंकू चुनावी संघर्ष देखने को मिल सकता है.

लोकसभा चुनाव 2019: मधेपुरा में त्रिशंकू संघर्ष के आसार, यदुवंशियों के बीच होगा युद्ध
मधेपुरा में तीनों आपसी विरोधी उम्मीदवार यादव हैं. (फाइल फोटो)

विकास चौधरी/मधेपुराः लोकसभा चुनाव 2019 में बिहार का मधेपुरा सीट काफी चर्चा में है. मधेपुरा में तीसरे चरण में मतदान होना है. जिससे मधेपुरा से लेकर पूरे बिहार की सियासत गरम हो गई है. मधेपुरा सीट पर आरजेडी और जेडीयू उम्मीदवार के अलावा वर्तमान सांसद पप्पू यादव मैदान में हैं. जिसके माना जा रहा है कि मधेपुरा सीट पर त्रिशंकू संघर्ष हो सकता है.

वैसे तो लोकसभा चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के उम्मीदवारों के बीच सीधी लड़ाई है. लेकिन पप्पू यादव मधेपुरा से सांसद हैं और माना जा रहा है कि वह दोनों उम्मीदवारों को टक्कर दे सकते हैं. हालांकि पप्पू यादव मधेपुरा से चुनाव आरजेडी में रहते हुए जीते थे. लेकिन अब वह आरजेडी से बाहर हैं.

आरजेडी ने अपने सिंबल पर मधेपुरा से शरद यादव को टिकट दिया है. वहीं, जेडीयू से दिनेश चंद्र यादव मैदान में उतरे हैं. ऐसे में साफ है कि मधेपुरा सीट पर लोकसभा चुनाव का युद्ध यदुवंशियों के बीच होने वाला है. तीनों ही उम्मीदवार जोर शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हैं.

शरद यादव और पप्पू यादव जीतने के लिए एंडी चोटी एक कर रहे हैं. वहीं, जेडीयू प्रत्याशि दिनेश चंद्र यादव के प्रचार के लिए बीजेपी और जेडीयू के बड़े नेता कैपेंन कर रहे हैं. हालांकि पप्पू यादव का कहना है कि मोदी लहर के बावजूद जनता ने उन्हें पिछली बार जीताया था. इसलिए इस बार भी उनकी जीत निश्चित है.

ऐसे में पप्पू यादव शरद यादव के लिए परेशानी बन गए हैं. क्योंकि पिछली बार पप्पू यादव आरजेडी से उम्मीदवार थे लेकिन इस बार आरजेडी ने शरद यादव को मैदान में उतारा है. माना जा रहा है कि पप्पू यादव की वजह से शरद यादव को नुकसान हो सकता है तो वहीं, शरद यादव की वजह से पप्पू यादव की लड़ाई आसान नहीं होगी. इन सब के बीच जेडीयू उम्मीदवार दिनेश चंद्र यादव को इसका फायदा मिल सकता है.

बहरहाल, मधेपुरा सीट पर त्रिशंकू संघर्ष के आसार दिख रहे हैं. जो काफी दिलचस्प होनेवाला है. लेकिन देखना है कि जनता किसके पक्ष में अपना मत देती है.