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भूकंप ने चीन में मचाई तबाही, करीब 200 की मौत, 10 हजार से अधिक घायल

चीन के सिचुआन प्रांत में आए शक्तिशाली भूकंप से मरने वालों की संख्या आज करीब 200 हो गई। प्राकृतिक आपदा में 10,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।

बीजिंग : चीन के सिचुआन प्रांत में आए शक्तिशाली भूकंप से मरने वालों की संख्या आज करीब 200 हो गई। प्राकृतिक आपदा में 10,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। सरकारी मीडिया की खबरों में कहा गया है कि सिचुआन प्रांत के लुशान कस्बे में कल सात तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद कम से कम 1165 झटके आए जिनमें से कुछ की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर पांच से अधिक थी जिसकी वजह से बचाव अभियान और मुश्किल हो गया।
भूकंप के कारण ध्वस्त हुई इमारतों के मलबे से करीब 90 लोगों को बचाया जा चुका है जबकि 600 लोगों को भूकंप प्रभावित इलाकों से अन्यत्र ले जाया गया है। सरकारी सीसीटीवी की खबरों में कहा गया है कि भूकंप के कारण 195 लोगों की जान गई है और करीब 10,500 लोग घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है क्योंकि अब भी कई लोग मलबे में दबे हुए हैं।
आज सुबह चीन के पीले सागर में 5.0 तीव्रता का एक भूकंप आया। चाइना अर्थक्वेक नेटवर्क के अनुसार, सुबह तकरीबन सात बज कर 21 मिनट पर आए इस भूकंप का केंद्र 10 किमी की गहराई में था।
कल आए भूकंप से सर्वाधिक प्रभावित यान शहर में मरने वालों की संख्या 164 है। लुशान कस्बे में करीब 15 लाख लोग भूकंप से प्रभावित हुए हैं।
चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग कल भूकंप प्रभावित इलाकों में पहुंचे और स्वयं राहत कार्यों में समन्वय कर रहे हैं। ली ने कहा कि बचाव अभियान में लगे लोग इस बात पर ध्यान दे रहे हैं कि समय बर्बाद न हो और लोगों को जल्द ही मलबे से बाहर निकाला जाए। यान सिटी के लुशान कस्बे के केंद्र में ली अस्थायी शिविरों, अस्पतालों, तंबुओं में गए और स्थिति का जायजा लिया। वह भूकंप की तीव्रता देखने के लिए मलबे के ढेर पर भी चढ़ गए थे। भूकंप में मारे गए लोगों के परिजनों और घायलों के प्रति ली ने संवेदना जाहिर की और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य के बारे में आवश्यक निर्देश भी दिए।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने ली को यह कहते हुए उद्धृत किया है ‘हम ऐसी स्थिति से गुजर चुके हैं और हमें इसका अनुभव है। हमारे पास त्वरित सहायता प्रणाली है। जब हम एकजुट रहेंगे और बचाव कार्य को वैज्ञानिक तरीके से अंजाम देंगे तो इस आपदा से नुकसान कम से कम होगा और हम इससे उबर भी जाएंगे।’ बिजली आपूर्ति अब तक बहाल नहीं की जा सकी है। ली ने आपदा के बाद की स्थिति का जायजा लेने के बाद कल रात एक तंबू में फ्लैशलाइट में एक बैठक की। (एजेंसी)