श्रीनगर: भारतीय सेना पड़ोसी देशों की तरफ से मिल रही चुनौतियों के साथ-साथ कश्मीर के अंदर छिपे आतंकियों से भी निपटने में लगी है. पिछले कुछ दिनों में हमारे जवानो ने आतंकी संगठनों के कई बड़े कमांडरों को एनकाउंटर में मार गिराया है. जिससे आतंकियों का मनोबल टूट रहा है. सेना के सर्च अभियान में लगातार आतंकी ढ़ेर हो रहे हैं. जिसका नतीजा है कि घाटी से आतंकियों का सफाया होने लगा है.
सेना का मानवीय चेहरा
जम्मू-कश्मीर के सोपोर में CRPF की टीम पर आतंकी हमले में एक जवान शहीद हो गया जबकि एक आम नागरिक की मौत हुई है. इस बीच, एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई जिसने देशवासियों के दिल को छू लिया. आतंकी हमले के बीच एक तीन साल का मासूम रोते हुए एक सैनिक की गोद में हैं. इस तस्वीर ने साफ कर दिया कि सेना के सामने चुनौती कितनी बड़ी है. एक तरफ आतंकियों से निपटना है तो दूसरी तरफ आम नागरिकों, बुजुर्गों और बच्चों की भी बचाना है. सेना की सतर्कता और घाटी में दहशतगर्दो के सफाये से आतंकियों का मनोबल टूटा है.
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पाकिस्तान की साजिश जारी
लॉकडाउन के दौरान कश्मीर घाटी में आतंकी, सेना के निशाने पर है. सेना सर्च अभियान चलाकर आतंकियों के सफाए में जुटी है. वहीं पाकिस्तान की ओर से भी लगातार आतंकियों को घुसपैठ कराने की कोशिशे की जा रही हैं. लेकिन, सुरक्षाबल आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं. बुधवार सुबह एलओसी से राजौरी जिले के केरी सेक्टर में आतंकियों ने घुसपैठ करने की कोशिश नाकाम की, इस दौरान हुई गोलीबारी में एक आतंकी भी मारा गया. इससे पहले भी उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा पर फरकियां गली सेक्टर से घुसपैठ की बड़ी कोशिश को सेना ने नाकाम किया था.
लगातार मारे जा रहे हैं आतंकवादी
बुधवार यानी 1 जुलाई की सुबह जम्मू-कश्मीर के त्राल में एक बार फिर सुरक्षा बलों और 3 आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई.
- त्राल इलाके में 24 घंटे में दूसरी और 48 घंटे में तीसरी मुठभेड़ है.
-अकेले जून महीने में जम्मू-कश्मीर में 51 आतंकियों को सेना ने मार गिराया है.
- हाल ही में डोडा जिले को आतंकी मुक्त घोषित किया गया था.
- इस साल घाटी में 131 आतंकी मारे जा चुके हैं.
- साल 2019 में सुरक्षाबलों ने 150 अधिक दहशतगर्दों को मार गिराया था.
- 2018 में 250 से आतंकी मारे गए थे.
हिजबुल का हो गया सफाया
कश्मीर में आंतकियों के सफाए से हिजबुल मुजाहिदीन को सबसे तगड़ा झटका लगा है. रियाज नायकू, हम्माद खान, जुनैद सेहरई, कासिम उर्फ जुगनू जैसे हिजबुल कमांडरों का खात्मा हो चुका है. सबसे अच्छी बात है कश्मीर में नए युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने की संख्या काफी तेजी से कमी आयी है. जम्मू कश्मीर ने लंबे समय तक आतंकवाद को झेला है, अब यहां के इलाके धीरे-धीरे आतंक से मुक्त होने लगे हैं.