PAK में थी पाकिस्तान हिंदू पार्टी, जिसका मिट गया वजूद; पतन की ये कहानी हैरान कर देगी
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PAK में थी पाकिस्तान हिंदू पार्टी, जिसका मिट गया वजूद; पतन की ये कहानी हैरान कर देगी

Pakistan Hindu Party News: पाकिस्तान हिंदू पार्टी का झंडा कभी अपने नाम की तरह सनातन हिंदू धर्म से जुड़े प्रतीकों और रंग से भरपूर था. पार्टी का झंडा भगवा रंग का था जिस पर त्रिशूल और ॐ का भी निशान था.

PAK में थी पाकिस्तान हिंदू पार्टी, जिसका मिट गया वजूद; पतन की ये कहानी हैरान कर देगी

Pakistan Hindu Party Rana Chandra Singh: 1947 में हिंदुस्तान के बंटवारे से ठीक पहले और पार्टिशन के बाद की खबरों में आपने मुस्लिम लीग नाम की राजनीतिक पार्टी के बारे में बहुत कुछ सुना और पढ़ा होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि सरहद के उस पार पाकिस्तान (Pakistan) में कभी एक हिंदू राजनीतिक पार्टी (Hindu Political Party) हुआ करती थी. उस पॉलिटिकल पार्टी का नाम पाकिस्तान हिंदू पार्टी (Pakistan Hindu Party) था. पड़ोसी देश भारत की कामयाबी से जलन और हिंदुओं से नफरत की आग में साजिश करके उसका नामोनिशान तक मिटा दिया गया. इस पार्टी की स्थापना एक हिंदू राजा के वंशज राणा चंद्र सिंह ने की थी जिनके पूर्वजों के नाम का डंका कभी पूरे पाकिस्तान में बजता था.

पाकिस्तान हिंदू पार्टी का इतिहास और अंत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस राजनीतिक दल की स्थापना पाकिस्तान में साल 1990 में हुई थी. आजादी के बाद जब बंटवारा हुआ. पाकिस्तान इस्लामिक देश बना. उसी दौर में बड़े पैमाने पर पलायन हुआ. बहुत से मुस्लिम इधर से उधर चले गए तो पाकिस्तान से अच्छी खासी तादाद में हिंदू आबादी भारत चली आई. हालांकि इसके बावजूद कुछ हिंदू वहीं पाकिस्तान में रुक गए. ऐसे ही लोगों में एक थे उमरकोट (जिसे पहले अमरकोट के नाम से जाना जाता था) के हिंदू राजा राणा चंद्र सिंह, जिन्होंने हिंदुओं की बदहाली को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान हिंदू पार्टी की स्थापना की थी. हिंदू सोढा राजपूत राणा चंद्र सिंह ने राजनीतिक पार्टी तो बना दी लेकिन उसका ज्यादा असर पाकिस्तान में कभी भी नहीं दिखा, क्योंकि इस दल को मुल्क के सभी हिंदुओं का एक छत्र अपना समर्थन नहीं दिया. 

दरअसल राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना था कि पाकिस्तान हिंदू पार्टी में उच्च पदों पर राणा चंद्र सिंह के खानदान या फिर पाकिस्तान की उच्च जातियों के लोगों का कब्जा था. जबकि, पाकिस्तान में जो हिंदू वोटर बहुतायत में था वो ज्यादातर निचली हिंदू जातियों से था. इस वजह से वो लोग खुद को इस हिंदू पार्टी से कनेक्ट नहीं कर पाईं. कुछ साजिश थी तो कुछ समय का फेर यानी यह पार्टी जिस तेजी और उत्साह से खड़ी हुई थी, उसी तरह खत्म हो गई.

झंडे पर था त्रिशूल और ॐ का निशान

पाकिस्तान हिंदू पार्टी का झंडा कभी अपने नाम की तरह सनातन हिंदू धर्म से जुड़े प्रतीकों और रंग से भरपूर था. पार्टी का झंडा भगवा रंग का था जिस पर त्रिशूल का निशान और ॐ का भी निशान मौजूद था. आज सीमा के उस पार इस पार्टी का कोई नाम लेने वाला भी नहीं है. हालांकि राणा चंद्र सिंह के बेटे राणा हमीर सिंह जैसे तैसे अपना राजनीति वजूद बचाए हुए हैं. राणा हमीर सिंध से कई बार विधायक रह चुके हैं. सिंध में आज भी उनकी तूती बोलती है. कट्टरपंथी लोग भी उनसे डरते हैं. क्योंकि उनकी छवि एक दबंग नेता की है. राणा हमीर सिंह पाकिस्तान के उन चंद हिंदुओं में से एक हैं जिनका रसूख और वजूद आज भी कायम है. उनकी तूती आज भी बोलती है.

 

 

 

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