हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा का मुख्यालय सील, मदरसों पर भी अधिकारियों का कब्जा

अधिकारियों ने जेयूडी की कथित परमार्थ शाखा फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) के मुख्यालय को भी सील किया है.

हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा का मुख्यालय सील, मदरसों पर भी अधिकारियों का कब्जा
हाफिज सईद (फाइल फोटो)

लाहौर: पाकिस्तान में अधिकारियों ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की अगुवाई वाले आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा (जेयूडी) का लाहौर स्थित हेडक्वार्टर गुरुवार को सील कर दिया. अधिकारियों ने जेयूडी की कथित परमार्थ शाखा फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) के मुख्यालय को भी सील किया है. प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ देश में चल रही कार्रवाई के तहत ये कदम उठाए गए हैं. 

पंजाब के गृह विभाग ने गुरुवार को जारी बयान में कहा,‘राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपी) के तहत सरकार ने लाहौर और मुरीदके में जेयूडी और एफआईएफ के मुख्यालयों को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया है.’

मस्जिदों, मदरसों और अन्य संस्थाओं पर भी नियंत्रण
विभाग ने कहा कि सरकार प्रांत में प्रतिबंधित संगठनों की मस्जिदों, मदरसों और अन्य संस्थाओं का नियंत्रण अपने हाथों में ले रही है. बयान के मुताबिक, हमने प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है.’

एक आला सरकारी अधिकारी ने बताया कि अधिकारियों ने जेडीयू और एफआईएफ के लाहौर स्थित मुख्यालय जामिया मस्जिद कदसिया को सील कर दिया है. अधिकारी ने बताया कि सरकार ने लाहौर से करीब 40 किलोमीटर दूर मुरीदके स्थित जेयूडी के मुख्यालय पर भी पूरा नियंत्रण कर लिया है. हालांकि, गृह विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की. 

उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी जब इमारत का नियंत्रण अपने हाथों में लेने के लिए वहां पहुंचे तो सईद और उनके समर्थकों ने कोई विरोध नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘अपने समर्थकों के साथ सईद जौहर टाउन स्थित अपने आवास के लिए रवाना हो गया.’

सईद पर दिसंबर 2008 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रतिबंध लगाया था. उसे नवंबर 2017 में पाकिस्तान में नजरबंदी से रिहा किया गया था. अमेरिका ने इसे जून 2014 में विदेशी आतंकवादी घोषित किया था. 

माना जाता है कि जेयूडी लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है. अमेरिका इसके प्रमुख सईद को भी वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है. 

56 मदरसों, प्रतिष्ठानों को कब्जे में लिया
पाकिस्तानी अधिकारियों ने मुंबई आतंकवादी हमले के सगरना हाफिज सईद के नेतृत्व वाले संगठन जमात-उद-दावा और उससे जुड़ी फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन द्वारा दक्षिणी सिंध प्रांत में संचालित कम से कम 56 मदरसों तथा प्रतिष्ठानों को अपने कब्जे में ले लिया है. सिंध सरकार ने पुष्टि की है कि वह इन प्रतिबंधित संगठनों द्वारा चलाए जा रहे 56 से अधिक मदरसों और प्रतिष्ठानों को नियंत्रण में ले चुकी है.

सिंध के मुख्यमंत्री के सूचना तथा कानूनी सलाहकार बैरिस्टर मुर्तजा वहाब ने कहा, "सिंध सरकार ने भी केंद्र सरकार द्वारा कार्रवाई शुरू करने के बाद इन प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कदम उठाने का निर्णय लिया है.

पाकिस्तान ने जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत को मंगलवार को औपचारिक रूप से प्रतिबंधित संगठनों की सूची में डाल दिया था, जिसके बाद से इनकी संपत्तियां जब्त करने का सिलसिला जारी है.

अधिकारियों के अनुसार जमात के नेटवर्क में 300 मदरसे और स्कूल, अस्पताल, एक पब्लिशिंग हाउस और एंबुलेंस सेवाएं शामिल हैं. दोनों संगठनों में करीब 50,000 वालंटियर और सैकड़ों अन्य वैतनिक कर्मचारी हैं.