Shardiya Navratri 2022: क्‍यों मनाई जाती हैं शारदीय नवरात्रि, क्‍या है इसके पीछे की पौराणिक कहानी?
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Shardiya Navratri 2022: क्‍यों मनाई जाती हैं शारदीय नवरात्रि, क्‍या है इसके पीछे की पौराणिक कहानी?

Shardiya Navratri 2022 kyu manaya jata hai: हिंदू पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि 26 अक्‍टूबर 2022, सोमवार से शुरू हो रही हैं. 9 दिन का यह पर्व मनाने के पीछे एक विशेष कारण है. 

फाइल फोटो

Shardiya Navratri 2022 Importance: भारत देश में नवरात्रि का पर्व बहुत जोर-शोर से मनाया जाता है. देश के कई राज्‍यों में इसकी धूम रहती है. फिर चाहे बात गुजरात के गरबा की हो, बंगाल की दुर्गा पूजा की हो या कुल्‍लू के दशहरे की हो. इसके अलावा राजस्‍थान, दिल्‍ली, मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश आदि में लोग भक्ति भाव से मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा-उपासना करते हैं, 9 दिन तक व्रत रखते हैं. इसके लिए नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना करते हैं. आइए जानते हैं नवरात्रि क्‍यों मनाई जाती है. बता दें कि इस साल 26 सितंबर से नवरात्रि प्रारंभ होंगी और 5 अक्‍टूबर को दशहरा मनाया जाएगा. 

मां दुर्गा ने किया था दैत्‍य महिषासुर का वध 

नवरात्रि पर्व मनाए जाने के पीछे कई तरह की मान्यताएं है लेकिन इनमें सबसे ज्‍यादा प्रचलित पौराणिक मान्यता के अनुसार यह महिषासुर नाम के दैत्‍य और मां दुर्गा द्वारा उसके संहार के चलते मनाया जाता है. पौराणिक कहानी के अनुसार महिषासुर नाम के दैत्‍य को ब्रह्मा जी से अमर होने का वरदान मिला हुआ था. इस कारण वह देवताओं को खूब सताता था. एक बार महिषासुर के अत्याचार से परेशान होकर सभी देवता भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा के पास गए. तब उन्‍होंने आदि शक्ति का आह्वान किया और एक तेज प्रकट हुआ जो कि नारी के रूप में बदल गया. यह देवी दुर्गा थीं. देवी दुर्गा ने महिषासुर को ललकारा और उनके बीच 9 दिन तक भयंकर युद्ध चला. 10वें दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया. मान्यता है कि इन 9 दिनों के दौरान देवताओं ने रोज देवी की पूजा-आराधना कर उन्हें बल प्रदान किया था. तब से ही नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है और इस दौरान मां दुर्गा के 9 रूपों की आराधना की जाती है. साथ ही 10वें दिन को देवी दुर्गा की जीत के चलते विजयादशमी भी कहा जाता है. 

भगवान राम ने भी इसी दिन किया था रावण का वध 

इसके अलावा नवरात्रि और दशहरे से जुड़ी एक और कथा है. यह कथा है भगवान राम के द्वारा लंका के राजा रावण के वध की. माता सीता का हरण करके ले गए रावण से युद्ध करने से पहले भगवान श्रीराम ने 9 दिन तक अनुष्‍ठान करके मां दुर्गा का आर्शीवाद प्राप्‍त किया था और फिर 10वें दिन रावण का वध किया था. इस कारण 9 दिन तक मां दुर्गा की आराधना करने के बाद रावण दहन करके दशहरा मनाया जाता है. 
 
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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