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वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल्स से बाहर की गईं निखत, मुक्केबाजी महासंघ को लिखा लेटर

निखत ने इस ट्रायल्स से वंचित किए जाने के बाद भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अधिकारी को एक पत्र लिखा है.

वर्ल्ड चैंपियनशिप ट्रायल्स से बाहर की गईं निखत, मुक्केबाजी महासंघ को लिखा लेटर
निखत ने 2011 में जूनियर विश्व चैम्पियनशिप का खिताब जीता था. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: निखत जरीन को बीते मंगलवार को विश्व चैंपियनशिप की ट्रायल में 51 किलोग्राम भारवर्ग में वानडुटिलाल से भिड़ना था, लेकिन 23 साल की इस महिला मुक्केबाज को चयन समिति के अध्यक्ष राजेश भंडारी ने यह कहते हुए रिंग में नहीं उतरने दिया कि उन्हें भविष्य के लिए बचाया जा रहा है. भंडारी का यह कदम मुक्केबाज और उसके पिता के लिए हैरानी वाली बात है जो हैदराबाद से राष्ट्रीय राजधानी में ट्रायल्स में हिस्सा लेने आए थे.

निखत ने इस ट्रायल्स से वंचित किए जाने के बाद भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अधिकारी को एक पत्र लिखा है और अपनी शिकायत दर्ज कराई है. इस पत्र की एक प्रति आईएएनएस के पास भी है, जिसमें निखत ने अधिकारी से उन्हें ट्रायल्स में हिस्सा लेने से रोकने की वजह पूछी है.

निखत ने अपने पत्र में लिखा है, "हमारे बीच कल हुई चर्चा और आपके आश्वासन के मुताबिक विश्व चैंपियनशिप के लिए 51 किलोग्राम में मेरी ट्रायल आज होनी थी. मैं बुधवार को बांटे गए कार्यक्रम को देखकर हैरान हूं क्योंकि इसमें मेरा नाम और मेरा भारवर्ग नहीं है."

निखत ने लिखा, "जबकि कल मेरा नाम और भारवर्ग तय कार्यक्रम में थे और मेरा पहला ही मैच होना था. फिर भी आखिरी समय में आपके अधिकारियों ने मुझसे कहा कि ऑल इंडिया पुलिस की वानडुटिलाल के साथ मेरा मुकाबला नहीं होगा."

निखत ने लिखा, "मैं इस मुद्दे पर तुरंत जवाब चाहती हूं कि क्या हो रहा है और इस मुद्दे पर अंतिम फैसला क्या है."

निखत ने बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह को लिखे ई-मेल में कहा है, "मैं आपको यह मेल बेहद निराशा और मजबूरी की भावना के साथ लिख रही हूं. आज मुकाबला शुरू होने से कुछ देर पहले मुझे चयन समिति के चेयरमैन राजेश भंडारी ने बताया कि आज मेरा मुकाबला नहीं होगा और भीतरी तौर पर इस तरह की चर्चा चल रही है कि मुझे भविष्य के लिए बचाया जाए और विश्व चैंपियनशिप में युवा उम्र में मुझे जाहिर नहीं किया जाए."

उन्होंने लिखा, "मैं इस फैसले से हैरान हूं क्योंकि मैंने 2016 में भी विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था और अगर मैं उस समय हिस्सा लेने के लिए तैयार थी तो 2019 में क्यों नहीं. मैं निश्चित तौर पर पहले से ज्यादा युवा नहीं हो सकती, यह कारण नहीं हो सकता."

एशियाई चैंपियनशिप की पदक विजेता ने लिखा, "मैं भारतीय नागरिक और बीएफआई की मुक्केबाज होने के नाते आपके नेतृत्व में सभी मुक्केबाजों के लिए पारदर्शी ट्रायल्स की मांग करती हूं. अगर हम सभी के लिए नियम बने हैं तो हम सभी के लिए यह एक समान लागू होने चाहिए. मैं आपके दखल की उम्मीद करती हूं ताकि भारत में हर मुक्केबाज का विश्वास बना रहे."

निखत ने 2016 में विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था और कांस्य पदक अपने नाम किया था.

निखत के पिता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया हैरान करने वाली है क्योंकि निखत और उनकी विपक्षी मुकाबले के लिए पूरी तरह से तैयार थीं.

निखत के पिता ने कहा, "छह तारीख (मंगलवार) को नाम था, लेकिन जब वो रिंग में जाने को तैयार हुईं, तब जज भी वहां मौजूद थे लेकिन इसके बाद कहा गया कि ट्रायल्स नहीं होंगी."

उन्होंने कहा, "इसके बाद उन्होंने कहा कि हम इस पर चर्चा करेंगे और अगर आज मुकाबला होता है तो आपको बता देंगे, लेकिन एक बार फिर नाम सूची में नहीं था. वो लोग कह रहे हैं कि यह महासंघ का फैसला है. अध्यक्ष हमेशा से मुक्केबाजों का समर्थन करते आए हैं और ऐसा होना हैरानी वाली बात है. हम पारदर्शी ट्रायल चाहते हैं और कुछ नहीं. हम अभी भी इस मुद्दे पर सफाई का इंतजार कर रहे हैं."

उन्होंने कहा, "हम यहां ओलम्पिक की तैयारी कर रहे हैं और देखिए हम कहां आकर फंस गए. उम्मीद है कि आज नहीं तो कल ट्रायल्स होंगी. वह विश्व के दिग्गज मुक्केबाजों के खिलाफ निरंतर अच्छा कर रही है. उम्र मुद्दा नहीं हो सकती."