BWF World Tour Finals: बड़े टूर्नामेंट में सिंधु का कमाल, फाइनल में शानदार एंट्री
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BWF World Tour Finals: बड़े टूर्नामेंट में सिंधु का कमाल, फाइनल में शानदार एंट्री

BWF World Tour Finals: जापान की अकाने यामागुची को एक कठिन मुकाबले में हराकर भारतीय बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधु ने फाइनल में प्रवेश कर लिया है. सिंधु पहले भी ये खिताब जीत चुकी हैं.  

 

BWF World Tour Finals: बड़े टूर्नामेंट में सिंधु का कमाल, फाइनल में शानदार एंट्री

नई दिल्ली: जापान की अकाने यामागुची को शनिवार को कठिन मुकाबले में हराकर भारतीय बैडमिंटन स्टार पी वी सिंधु ने बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर फाइनल्स के फाइनल में प्रवेश कर लिया है. मौजूदा विश्व चैंपियन और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु ने यह रोमांचक मुकाबला 21-15, 15-21, 21-19 से जीता.

फाइनल में कोरियाई खिलाड़ी से सामना

वह रविवार को फाइनल में कोरिया की एन सेयंग से भिड़ेंगी जिन्होंने थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग को दूसरे सेमीफाइनल में 25-23 21-17 से हराया. वह सत्र के इस आखिरी टूर्नामेंट के फाइनल में तीसरी बार पहुंची है. उन्होंने 2018 में यह खिताब जीता था और यह उपलब्धि अपने नाम करने वाली वह अकेली भारतीय हैं. दुनिया की सातवें नंबर की खिलाड़ी सिंधु का तीसरे नंबर की जापानी खिलाड़ी के खिलाफ रिकॉर्ड 12-8 का था.

इस साल नहीं जीता एक भी खिताब

टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद सिंधु फ्रेंच ओपन, इंडोनेशिया मास्टर्स और इंडोनेशिया ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची. वह मार्च में स्विस ओपन फाइनल हार गई थी. वह मार्च में स्विस ओपन में उप विजेता रही थीं. लेकिन सेयंग के खिलाफ फाइनल सिंधु के लिए आसान नहीं होगा क्योंकि दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी इंडोनेशिया मास्टर्स और इंडोनेशिया ओपन में लगातार खिताब जीतने के बाद सत्र के अंतिम टूर्नामेंट में पहुंची हैं. सेयंग ने अक्टूबर में डेनमार्क ओपन के क्वार्टरफाइनल में भी सिंधु को हराया था.

टक्कर के मुकाबले में सिंधु की जीत

यामागुची के खिलाफ सिंधु पहले गेम में 0-4 से पिछड़ रही थीं लेकिन वह तेजी से 4-4 से बराबरी करने और फिर इसे 9-9 करने में सफल रहीं. दोनों बराबरी पर चल रही थीं पर सिंधु ने 15-14 की बढ़त को 18-15 कर दिया. इसके बाद उन्होंने लगातार तीन अंक जुटाकर पहला गेम अपने नाम किया. दूसरे गेम में कड़ी टक्कर रही जिसमें दोनों खिलाड़ी 10-10 से बराबरी पर थीं. पर यामागुची ने बिना किसी परेशानी के इसे जीत लिया.

निर्णायक गेम में सिंधू और यामागुची 5-5 पर बराबरी पर थी. इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने लगातार सात अंक जुटा लिए. जापानी खिलाड़ी ने वापसी करने की कोशिश की और अंतर 11-13 कर दिया. पर सिंधु 17-12 से आगे हो गईं. यामागुची भी आसानी से हार मानने वाली नहीं थीं, उन्होंने स्कोर 19-19 से बराबर कर दिया. वहीं सिंधु ने अपना सर्वश्रेष्ठ अंत के लिए बचा रखा था और उन्होंने लगातार दो अंक जुटाकर तीसरा गेम जीतकर मैच जीत लिया. युवा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन पुरुष एकल के सेमीफाइनल में डेनमार्क के मौजूदा ओलंपिक चैम्पियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसेन से भिड़ेंगे.

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