close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

COA की बैठक में ‘हितों के टकराव’ मुद्दे पर चर्चा, गांगुली और लक्ष्मण पर फैसला संभव

बीसीसीआई नैतिक अधिकारी ने कहा कि पूर्व भारतीय बल्लेबाज लक्ष्मण को तीन में से एक भूमिका को ही चुनना पड़ेगा.

COA की बैठक में ‘हितों के टकराव’ मुद्दे पर चर्चा, गांगुली और लक्ष्मण पर फैसला संभव
BCCI ने वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली से क्रिकेट में कई भूमिकाओं में से एक का चयन करने को कहा था.

नई दिल्ली: प्रशासकों की समिति (COA) की यहां शनिवार को होने वाली बैठक में हितों के टकराव के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है क्योंकि बीसीसीआई नैतिक अधिकारी डीके जैन ने वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली से क्रिकेट में कई भूमिकाओं में से एक का चयन करने को कहा था. लोढा सिफारिशों में ‘एक व्यक्ति एक पद’ काफी अहम है और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जैन ने कहा कि पूर्व भारतीय बल्लेबाज लक्ष्मण को तीन में से एक भूमिका को ही चुनना पड़ेगा.

वह क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के सदस्य हैं जिसमें से उन्होंने हटने की पेशकश की है. वह आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटोर और कमेंटेटर भी हैं.

वहीं गांगुली भी विश्व कप में कमेंट्री कर रहे हैं और वह सीएससी के सदस्य के अलावा बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष और आईपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स के सलाहकार भी हैं. सीओए के शनिवार को इस बैठक में जैन के आदेश पर विचार करने की उम्मीद है.

जैन के आदेश को बीसीसीआई को लागू करना होगा. लेकिन उनके आदेश के हिसाब से इरफान पठान, पार्थिव पटेल और रोबिन उथप्पा जैसे मौजूदा खिलाड़ियों को भी कमेंट्री से रोका जा सकता है. ये तीनों विश्व कप विशेषज्ञ के तौर पर विभिन्न मंचों से जुड़े हुए हैं.

बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘हितों के टकराव पर और अधिक स्पष्टता चाहिए. इसकी शुरूआत कहां से होती है और इसका अंत कहां है. मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता कि सक्रिय खिलाड़ी जो भी भारत के लिये नहीं खेल रहे, वे कमेंट्री कर रहे हैं जबकि वे घरेलू क्रिकेट में भी व्यस्त नहीं हैं. ’’

जैन ने पीटीआई से बात करते हुए कहा था, ‘‘उन्होंने कहा, ‘‘इस आदेश के आधार पर सक्रिय खिलाड़ियों के खिलाफ भी शिकायतें आ सकती हैं. उन्हें अब अपने दिमाग से काम लेना होगा और इस स्थिति के लिये तैयार रहना चाहिए. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी को कमेंट्री करने से नहीं रोक रहा हूं. संविधान का नियम 38 एक समय में कई पद पर काबिज होने से रोकता है. मैंने यह फैसला किया है कि बीसीसीआई संविधान के तहत हितों का टकराव क्या है. ’’

जैन ने कहा, ‘‘यह खिलाड़ियों को तय करना है कि यह उन पर लागू होता है या नहीं. मैंने पहली बार इस नियम का अध्ययन किया और उसके आधार पर अपना फैसला दिया. ’’

बैठक में एक अन्य मुद्दे पर चर्चा होगी, वो राज्य संघों में निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति होगी जिसकी अंतिम समयसीमा एक जुलाई को समाप्त हो रही है.

बीसीसीआई के चुनाव 22 अक्तूबर को होने हैं और राज्य इकाईयों में चुना 14 सितंबर तक पूरे हो जाने चाहिए.

बीसीसीआई की आम सालाना बैठक में चुनाव के लिये पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालास्वामी को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है.