नमन ओझा (Naman Ojha) ने 2010 में जिम्बाब्वे दौरे पर वनडे सीरीज में अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज किया था, उस सीरीज में सुरेश रैना को धोनी की गैरमौजूदगी में कप्तान बनाया गया था. साल 2015 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में नमन ओझा ने अपने करियर का एकमात्र टेस्ट खेला था.
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नई दिल्ली: भारत के विकेटकीपर बल्लेबाज नमन ओझा (Naman Ojha) ने सोमवार को इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से संन्यास (Retirement) लेने का ऐलान कर दिया है. 37 साल के इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी-20 इंटरनेशनल तीनों फॉर्मेट में क्रिकेट खेला है. नमन ओझा ने टीम इंडिया के लिए एक टेस्ट, एक वनडे और दो टी-20 मुकाबले खेले हैं.
नमन ओझा (Naman Ojha) ने 2010 में जिम्बाब्वे दौरे पर वनडे सीरीज में अपने इंटरनेशनल करियर का आगाज किया था, उस सीरीज में सुरेश रैना को धोनी की गैरमौजूदगी में कप्तान बनाया गया था. साल 2015 में श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में नमन ओझा ने अपने करियर का एकमात्र टेस्ट खेला था.
घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश के लिए क्रिकेट खेलने वाले नमन ओझा (Naman Ojha) ने 146 फर्स्ट क्लास मैच खेले, जिसमें 41.67 की औसत से 9753 रन बनाए. फर्स्ट क्लास मैचों में उन्होंने 22 शतक और 55 अर्धशतक जड़े और उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 219 रन रहा.
इसके अलावा उन्होंने 143 लिस्ट ए और 182 टी20 मैच खेले जिसमें 113 आईपीएल के मुकाबले भी शामिल हैं. आईपीएल में वह दिल्ली डेयरडेविल्स, राजस्थान रॉयल्स और सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेले थे.
नमन की 2012 में डेविड वॉर्नर से साथ दूसरे विकेट के लिए 189 रनों की साझेदारी दिल्ली के लिए अभी भी किसी भी विकेट के लिए की गई सबसे बड़ी और आईपीएल इतिहास की पांचवें सबसे बड़ी साझेदारी है. उन्होंने 2018 में दिल्ली के लिए खेलते हुए सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ अपना आखिरी मुकाबला खेला था.
नमन ने कहा, '20 साल के फर्स्ट क्लास और इससे पहले जूनियर वर्ग में बिताए कई साल के बाद मुझे लगता है कि अब आगे बढ़ने का समय है. यह काफी बड़ी यात्रा थी और मेरे जीवन का सबसे अच्छा लम्हा था. मेरे कोच, ट्रेनर, फिजियो, चयनकर्ता, कप्तान, टीम के खिलाड़ी, मेरा परिवार, शुभचिंतक, मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड का मैं आभारी हूं, जिन्होंने देश और राज्य के लिए खेलने का मेरा सपना पूरा करने में साथ दिया.'