Rabe Hasan Last Rituals: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी के इंतकाल के बाद लोगों में मातम का माहौल है. मौलाना साहब के जनाजे में हजारों-हजार लोगों की तादाद में भीड़ उमड़ी थी. लोगों ने नम आँखों से मौलाना साहब को विदा किया. मौलाना साहब तकरीबन 94 साल के थे और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के अध्यक्ष थे. देखें वीडियो
AIMPLB President Died: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी का आज इंतेकाल हो गया है. मौलाना तकरीबन 94 साल के थे. वे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के अध्यक्ष थे. उन्होंने आखिरी सांस डालीगंज में मौजूद नदवा मदरसे में ली है. देखें रिपोर्ट
Maulana Rabe Hasan Nadavi: गुरुवार को आलमे इस्लाम के लिए एक बेहद अफसोसनाक खबर सामने आई है. दरअसल ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी का इंतेकाल हो गया है. बताया जा रहा है कि वो तकरीबन 94 वर्ष के थे.
एक आम धारणा है कि मुस्लिम महिलाओं को पुरुषों की तरह मस्जिद जाकर नमाज पढ़ने पर धार्मिक आधार पर प्रतिबंध है, जबकि हकीकत में धार्मिक आधार पर महिलाओं को मस्जिद में नमाज पढ़ने से कोई रोका नहीं है. हां, इतना जरूर है कि फर्ज नमाज पढ़ने के लिए जैसे पुरुषों को मस्जिद आकर नमाज पढ़ने को प्रोत्साहित किया गया है और इसे अच्छा माना गया है, वैसे ही महिलाओं की स्थिति के मुताबिक, उन्हें मस्जिद आकर नमाज पढ़ने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया गया है, और उन्हें घर पर ही नमाज पढ़ने की छूट दी गई है, साथ ही उनके लिए इसे बेहतर भी बताया गया है.
Uniform Civil Code: AIMPLB यूनिफॉर्म सिविल कोड के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद किए हुए हैं. इतना ही नहीं AIMPLB कार्यकारिणी की बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड के खिलाफ प्रस्ताव भी पास कर दिया गया है. इसके अलावा 9 और भी प्रस्ताव पास किए गए हैं. बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मुताबिक यूनिफॉर्म सिविल कोड को लागू करना गैर जरूरी है क्योंकि संविधान में हर व्यक्ति को अपने धर्म पर अमल करने की आजादी दी गई है.
Uniform Civil Code: पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह ऐसा कोई कदम उठाने से परहेज करें.
बोर्ड का कहना है कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने कुरान और हदीस की गलत व्याख्या की है.
बोर्ड ने इतवार को यहां अपने 27वें सार्वजनिक जलसे के दूसरे और आखिरी दिन पास एक प्रस्ताव में समान नागरिक संहिता को असंवैधानिक करार देते हुए सरकार से अपील की है कि इसे लागू न किया जाए.
मौलाना सज्जाद नोमानी ने कहा, ‘एक बार फिर यह तारीख रकम हुई है. एक निहत्थी कौम ने सबसे मजबूत फौजों को शिकस्त दी है.
आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसनी नदवी ने अपने जारी किये हुए बयान में कहा कि देश मे प्रजातंत्र है और हर किसी को अपना वोट अपनी समझ के हिसाब से देने का हक़ है.
जानकारी के मुताबिक आरज़ी तौर पर मौलाना ख़ालिद सैफुल्लाह रहमानी को बोर्ड का जनरल सेक्रेटरी बना गया है.
बताया जा रहा है कि वो पिछले करीब एक हफ्ते से बीमार चल रहे थे. मौलाना वली रहमानी का इलाज पटना के पारस हॉस्पिटल में चल रहा था.
बता दें कि सीएम योगी ने शनिवार को देवरिया में एक चुनावी रैली को खिताब करते हुए लव जिहादियों को सख्त लहजे में वार्निंग दी थी.
सीबीआई के फैसले पर दारुल उलूम देवबन्द के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी ने कहा कि छह दिसंबर 1992 को दुनिया ने उस मंज़र को देखा था.
कांग्रेस लीडर ने कहा कि समाज सेवकों के बरी होने पर मुबारकबाद. 28 सालों तक शरपसंदों को जांच एजेंसियां नहीं ढूंढ पाई, वे पाकिस्तान से आये होंगे? 1800 बेकुसूर लोगों की मौतों का जवाबदार कौन?
ओवैसी ने लिखा कि वही क़ातिल, वही मुंसिफ़, अदालत उस की, वो शाहिद....बहुत से फ़ैसलों में अब तरफदारी भी होती है.
वहीं अदालत से फैसला आने के बाद समाजी और सियासी लीडरान ने मुख्तलिफ़ रद्दे अमल का इज़हार किया , कुछ ने इस फैसले का इस्तक़बाल किया है तो कुछ ने फैसल पर तनकीद की है.
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ( AIMPLB) के सदस्य जफरयाब जिलानी (Jafaryab Gilani) ने विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में आए कोर्ट के फैसले को गलत बताया है.
फैसला आने के बाद एक तबके में जहां खुशी की लहर है और तमाम बड़ी सियासी लीडरान अदालत के फैसले का इस्तकबाल (स्वागत) कर रहे हैं.
ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सैक्रेटरी मौलाना वली रहमानी ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि हमारा हमेशा यह मौकफ रहा है कि बाबरी मस्जिद किसी भी मंदिर या किसी हिंदू इबादतगाह को तोड़ कर नहीं बनाई गई.
अपनी अर्ज़ी में बोर्ड ने कहा है कि 1997 के फैसले में यह साफ हो चुका है कि पर्सनल लॉ को बुनियादी हुकूक की कसौटी पर नहीं आंका जा सकता
शनिवार को लखनऊ में अयोध्या मामले को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक हुई. जिसके बाद एआईएमपीबी के प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. जिसमें ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की बात कही.