वॉशिंगटन News

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रात्रिकालीन पाली में काम करने वालों लोगों के कार हादसों का शिकार होने का खतरा अधिक रहता है क्योंकि सोने जागने का क्रम बाधित होने तथा नींद पूरी नहीं होने के कारण वे उनींदी हालत में रहते हैं । यह जानकारी एक नये अध्ययन में सामने आयी है। अमेरिका में ब्रिघम और वुमेंस हास्पिटल (बीडब्ल्यूएच) के नये शोध में पता चला है कि रात में सोने के बाद ड्राइविंग करने वालों की तुलना रात्रिकालीन पारी में काम करने वाले कामगारों के दिन में गाड़ी चलाने से की गयी और पाया गया कि रात्रिकालीन पाली में काम करने के बाद परीक्षण चालन में भाग लेने वाले 37.5 प्रतिशत से अधिक कामगार दुर्घटना का शिकार होते होते बचे ।
Dec 22,2015, 16:09 PM IST
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