भारत सीमा के पास बन रहा चीन का मेदोग बांध एक टाइम बॉम्ब की तरह है. खुद चीनी वैज्ञानिकों की एक सरकारी स्टडी में दावा किया गया है कि यह बांध एक एक्टिव भूकंपीय फॉल्ट लाइन के ठीक ऊपर बन रहा है, जिससे भविष्य में भारी तबाही आ सकती है.
क्या पानी एक हथियार बन सकता है? चीन, भारत की सीमा के पास ब्रह्मपुत्र नदी (यारलुंग त्सांगपो) पर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बना रहा है, जिसे अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 'वॉटर बम' का नाम दिया है. यह 14 लाख करोड़ रुपये का महा-प्रोजेक्ट भारत के लिए एक अस्तित्व का खतरा पैदा कर सकता है. चीन जब चाहे पानी रोककर भारत के पूर्वोत्तर में सूखा ला सकता है, और जब चाहे बांध के गेट खोलकर एक विनाशकारी बाढ़ ला सकता है, जो लाखों जिंदगियों को तबाह कर देगी. चीन किसी भी अंतरराष्ट्रीय जल-संधि का हिस्सा नहीं है, जिसका मतलब है कि वह किसी भी नियम को मानने के लिए बाध्य नहीं है.
Brahmaputra Dam: ଦକ୍ଷିଣ-ପୂର୍ବ ତିବ୍ଦତରେ ବ୍ରହ୍ମପୁତ୍ର ନଦୀ ଉପରେ ଚୀନ୍ ବିଶ୍ୱର ସର୍ବବୃହତ ନଦୀବନ୍ଧ ନିର୍ମାଣ ଆରମ୍ଭ କରିଛି। ଡିସେମ୍ବର ମାସରେ ଏହି ପ୍ରକଳ୍ପକୁ ଅନୁମୋଦନ କରାଯାଇଥିଲା ଏବଂ ଚୀନ୍ ପ୍ରଧାନମନ୍ତ୍ରୀ ଲି କେକିଆଙ୍ଗ ମଧ୍ୟ ଭିତ୍ତିପ୍ରସ୍ତର ସ୍ଥାପନ ଉତ୍ସବରେ ଯୋଗ ଦେଇଥିଲେ।
China Biggest Dam: चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर दुनिया का सबसे बड़ा बांध बनाने जा रहा है, जिसे लेकर भारत सरकार भी अलर्ट हो गई है. संसद में मोदी सरकार ने कहा कि उसने इस पर संज्ञान लिया है. चीन का यह बांध मौजूदा सबसे बड़े थ्री गॉर्जेस डैम से भी तीन गुना बड़ा होगा.
World's Largest Dam in China: चीन बनने जा रहे दुनिया के सबसे बड़े डैम को लेकर कहा जा रहा है कि वो इसका इस्तेमाल वॉटर बॉम्ब के तौर पर कर सकता है. अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के नजदीक बनने वाला यह डैम लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकता है.
Tibet earthquake: भूकंप का प्रभाव तिब्बत के अलावा भारत, नेपाल, भूटान, और बांग्लादेश में भी महसूस किया गया. यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव के कारण भूकंप के लिए बेहद संवेदनशील है. इतिहास गवाह है कि इस क्षेत्र में पहले भी बड़े भूकंप आ चुके हैं.
China Dam Plan: तिब्बत की यारलुंग जांग्बो नदी वही नदी है जिसे अपने यहां ब्रह्मपुत्र कहते हैं. ये ब्रह्मपुत्र का तिब्बती नाम है. मुख्यमंत्री हिमंताा ने कहा कि अगर यह बांध बनता है तो ब्रह्मपुत्र नदी का जलस्तर गिर जाएगा और नदी का पारिस्थितिकी तंत्र कमजोर हो जाएगा.
China Dam News: यह प्रोजेक्ट पारिस्थितिक रूप से बेहद नाजुक हिमालयी क्षेत्र में बनाया जा रहा है, जो टेक्टोनिक प्लेट सीमा पर स्थित है, जहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं. बताया जा रहा है कि चीन ने दशकों तक गहन अध्ययन किया है और सुरक्षा उपाय किए हैं.
चीन में भारी बारिश ने मचाया हाहाकार. जिस वजह से कई प्रांतों में बाढ़ आ गई है और बाढ़ के पानी से कई सड़कें डूब गई हैं.
चीन मेडोग काउंटी में सबसे बड़ा हाइड्रो इलेक्ट्रिसिटी डैम बनाने का दावा कर रहा है लेकिव चीन के इंजीनियर यहां भूस्खलन और बैरियर लेक से खतरे को लेकर चिंतित हैं.