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ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने ब्रेक्जिट समझौते पर EU से ‘एक और जोर’ लगाने की अपील की

मे ने ग्रिम्सबी में कामगारों से कहा, ‘इसे बस एक और धक्के की जरूरत है.’ उन्होंने कहा कि समझौते के खिलाफ वोट देने का मतलब है कि ‘हम कभी भी यूरोपीय संघ से अलग नहीं हो सकेंगे.’

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने ब्रेक्जिट समझौते पर EU से ‘एक और जोर’ लगाने की अपील की
ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे (फोटो साभार - रॉयटर्स)

ग्रिम्सबी (ब्रिटेन): ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने शुक्रवार को यूरोपीय संघ से अपील की कि ब्रेक्जिट समझौते के लिए ‘एक और धक्का’ लगाएं और ब्रिटेन के सांसदों से कहा कि समझौते के खिलाफ वोटिंग का मतलब होगा कि देश कभी भी इस गुट से अलग नहीं होगा.

मे ने ग्रिम्सबी में कामगारों से कहा, ‘इसे बस एक और धक्के की जरूरत है.’ उन्होंने कहा कि समझौते के खिलाफ वोट देने का मतलब है कि ‘हम कभी भी यूरोपीय संघ से अलग नहीं हो सकेंगे.’

मंगलवार को वोट देंगे ब्रिटेन के सांसद
ब्रिटेन के सांसद मंगलवार को वोट देंगे कि मे के ब्रेक्जिट समझौते को स्वीकार किया जाए अथवा नहीं. इस सप्ताहांत में कई दौर के विचार-विमर्श के बाद इसमें नये तत्वों को शामिल किया जाएगा.

मे ने कहा,‘अगले हफ्ते वेस्टमिंस्टर में सांसदों के समक्ष महत्वपूर्ण विकल्प होगा : या तो ब्रेक्जिट समझौते का समर्थन करें या फिर इसे खारिज करें.’ उन्होंने कहा, ‘इसका समर्थन करें और ब्रिटेन कभी भी यूरोपीय संघ को नहीं छोड़ सकेगा. इसे खारिज करें और कोई नहीं जानता कि क्या होगा.’ 

और क्या बोलीं मे?
उन्होंने कहा,‘हो सकता है कि हम कई महीने तक ईयू नहीं छोड़ सकें, हो सकता है कि हम बिना सुरक्षा के इसे छोड़ दें जैसा कि समझौते में प्रावधान है. हो सकता है कि हम कभी भी इसे न छोड़ सकें .’

उन्होंने कहा,‘हर कोई चाहता है कि ऐसा हो, वाद-विवाद से आगे बढ़े, परिचर्चा की कड़वाहट को छोड़ें और एक देश के रूप में ईयू से बाहर हो जाएं जो भविष्य की सफलता के लिए तैयार हो सके.’

मे ने कहा कि अगर सांसद समझौते को खारिज कर देते हैं तो ‘कुछ भी निश्चित नहीं है.’ उन्होंने कहा कि इससे ‘संकट की घड़ी’ उत्पन्न हो जाएगी. मे अगर मंगलवार को होने वाले चुनाव में हारती हैं तो सांसद बुधवार को वोट देंगे कि बिना समझौते के 29 मार्च को ईयू को छोड़ा जाए अथवा नहीं. सांसद अगर परिणाम को खारिज कर देते हैं तो बृहस्पतिवार को वोट देंगे कि ईयू से स्थगन के लिए कहा जाए अथवा नहीं.