Daily Panchang 22nd June 2021 आज चंपक द्वादशी, जानिए क्या है पूजा विधि और मुहूर्त

ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की बारहवीं तिथि  को चम्पक द्वादशी (Champak Dwadashi 2019) मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान गोविंद विट्ठलनाथ जी यानि की भगवान श्री कृष्ण की पूजा की जाती है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jun 22, 2021, 06:16 AM IST
  • सुबह 11:46 से दोपहर 12:14 तक काम करना शुभ
  • दोपहर 3:25 से शाम 4:51 तक शुभ काम करने से बचें
Daily Panchang 22nd June 2021 आज चंपक द्वादशी, जानिए क्या है पूजा विधि और मुहूर्त

नई दिल्लीः Daily Panchang 22nd June 2021: आज का पंचांग आपके लिए नया दिन और समय लेकर आया है. आज बेहद खास चंपक द्वादशी और प्रदोष व्रत है.

महादेव शिव की आराधना के साथ रुद्रावतार महावीर हनुमान की पूजा का दिन है. आज विशाखा नक्षत्र के साथ सिद्ध योग है. पंचाग में और क्या है खास, बता रहे हैं आचार्य विक्रमादित्य.

पंचांग (Daily Panchang 22nd June 2021)
दिन- मंगलवार
तिथि- द्वादशी
महीना- ज्येष्ठ, शुक्ल पक्ष
आज बेहद खास चंपक द्वादशी और प्रदोष व्रत है. 

नक्षत्र
विशाखा नक्षत्र के साथ सिद्ध योग है.

शुभ मुहूर्त
सुबह 11:46 से दोपहर 12:14 तक काम करना शुभ.

राहुकाल
दोपहर 3:25 से शाम 4:51 तक शुभ काम करने से बचें.

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जानिए क्या है चंपक द्वादशी

ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की बारहवीं तिथि  को चम्पक द्वादशी (Champak Dwadashi 2019) मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन भगवान गोविंद विट्ठलनाथ जी यानि की भगवान श्री कृष्ण की पूजा की जाती है. लोक व्यवहार में इस पर्व को राघव द्वादशी या रामलक्ष्मण द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है.

इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु के अवतार श्री राम और शेषनाग का अवतार श्री लक्ष्मण की पूजा की जाती है. इस दिन मोक्ष प्राप्ति के लिए श्री कृष्ण की विधिपूर्वक चम्पा फूलों से पूजा भी की जाती है. ऐसा करने से भक्त को विष्णु लोक में जगह मिलती है.

ऐसे करें पूजा

चंपक द्वादशी के दिन प्रात: उठ कर स्नान आदि कार्यों से निवृत हो जाएं. इसके बाद घर के मंदिर में लाल कपड़ा बिछाएं और उसपर भगवान कृष्ण और राम-लक्ष्मण की मूर्ति रखें. इसके बाद दीपक और अगरबत्ती जलाकर भगवान को चंपा की माला पहनाएं. चंपा के फूल उपलब्ध न होने पर सफेद और पीले फूल भी चढ़ा सकते हैं. इसके बाद भगवान को रोली और चंदन से तिलक करें.

श्रीहरि विष्णु की पूजा में सफेद तिल रखना अधिक लाभकारी होता है. भगवान को तिल अर्पित करें. इसके बाद प्रसाद-नैवेद्य चढ़ाकर जल अर्पित करें. ईश्वर का ध्यान करिए, आरती करके प्रसाद बांटिए और ग्रहण कीजिए. 

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