Sharad Purnima Date: शरद पूर्णिमा कब है, 16 या 17 अक्टूबर को? अभी दूर कर लें कंफ्यूजन

 Sharad Purnima 2024 Date and Time: शरद पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है. व्रत भी रखा जाता है. इस दिन का खास महत्व माना जाता है. आइए, जानते हैं कि शरद पूर्णिमा कब है?

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Oct 14, 2024, 02:35 PM IST
  • शरद पूर्णिमा पर करें व्रत
  • भगवान विष्णु की अर्चना करें
Sharad Purnima Date: शरद पूर्णिमा कब है, 16 या 17 अक्टूबर को? अभी दूर कर लें कंफ्यूजन

नई दिल्ली: Sharad Purnima 2024 Date and Time: शरद पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में खास माना जाता है. ये पर्व आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के ठीक अगले दिन आता है. शरद पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा का व्रत करने वालों पर विष्णु की विशेष कृपा बरसती है.

शरद पूर्णिमा कब है (Sharad Purnima Kab Hai)
हिंदू पंचांग के मुताबिक, पूर्णिमा तिथि 16 अक्टूबर को रात 08 बजकर 40 मिनट पर शुरू होगी, जो 17 अक्टूबर की शाम 04 बजकर 55 मिनट तक रहेगी. शरद पूर्णिमा का विशेष पर्व 16 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा. इसी दिन व्रत भी रखा जाएगा. इससे घर में सुख-शांति आएगी. घर पर जो विपदा छा रही है, वह भी दूर हो जाएगी/

शरद पूर्णिमा के मुहूर्त (Sharad Purnima Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:42 बजे से 5:32 बजे तक

विजय मुहूर्त: दोपहर 2:01 बजे से 2: 47 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त:  शाम 5:50 बजे से 6:15 बजे तक

निशिता मुहूर्त: 17 अक्टूबर को रात 11:42 बजे से 12:32 बजे तक

शरद पूर्णिमा के दिन जरूर करें ये काम 
शरद पूर्णिमा वाले दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए आपको कुछ विशेष काम करने होंगे. इन्हें करके आप अपने व्रत का उद्देश्य पूरा कर लेंगे. आपको मन चाहा फल भी प्राप्त होगा.
- चांद को जल चढ़ा कर मंत्र जाप करें.
- माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना, धन प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें.
- इस दिन घर में दीपक जरूर जलाएं, घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी.
- माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप दिन में कई बार करें.
- शरद पूर्णिमा के दिन धार्मिक ग्रंथ पाठ करें, भगवान की कृपा बरसेगी. 
- शरद पूर्णिमा वाले दिन जरूरतमंदों की मदद करें, उन्हें दान दें.

शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी के मंत्र (Sharad Purnima Mantra)
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी।
या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥

या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी।
सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती ॥

(Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Zee Bharat इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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