Prayagraj में एक दूसरे से 'भिड़ गए' गल्ला मंडी के व्यापारी, चली जबरदस्त बहस

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है. ज़ी हिन्दुस्तान की टीम यूपी के प्रयागराज पहुंची, मुट्ठीगंज इलाके में स्थित गल्ला मंडी के व्यापारियों के नब्ज टटोलने की कोशिश की.   

Written by - Ayush Sinha | Last Updated : Dec 2, 2021, 07:35 AM IST
  • प्रयागराज के गल्ला व्यापारियों का क्या है मूड?
  • योगी या अखिलेश किसकी की होगी वापसी?

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Prayagraj में एक दूसरे से 'भिड़ गए' गल्ला मंडी के व्यापारी, चली जबरदस्त बहस

प्रयागराज: Ground Report- कभी इलाहाबाद और अब प्रयागराज के नाम से जाना जाने वाला यूपी का ये शहर बड़ा अनोखा है. यहां संगम की सुनहरी शाम हर किसी को मदहोश कर जाती है. इससे भी ज्यादा आकर्षक हैं यहां के लोग.. ज़ी हिन्दुस्तान की टीम चुनावी यात्रा पर निकली, तो प्रयागराज के अलग-अलग इलाके में जाकर लोगों का मूड भापने की कोशिश कर रही थी. इसी कड़ी में हम पहुंचे मुट्ठीगंज स्थित गल्ला मंडी में...

अनाज का होल सेल मार्केट

वैसे तो चुनाव नजदीक है, सारे नेता अपनी-अपनी गोटी सेट करने की कोशिश में जुटे हुए हैं. विपक्ष महंगाई का मुद्दा जोर-शोर से उठा रहा है. इसी लिए ज़ी हिन्दुस्तान हर तबके के लोगों तक पहुंच कर जमीनी पड़ताल करने में जुट गई. जब हम प्रयागराज के गल्ला मंडी में पहुंचे तो हमने व्यापारियों के मिजाज को समझने की भरपूर कोशिश की.

मुट्ठीगंज में खाद्य पदार्थ का बड़ा मार्केट है. सड़कों पर तो कुछ ही दुकानें हैं, लेकिन गली में दुकानों की भरमार थी. गल्ला मंडी के व्यापारी इस बार किस पार्टी को उत्तर प्रदेश में सरकार की बागडोर संभालने का मौका देना चाहते हैं, हमने इसी सवाल के साथ एक-एक शख्स से बातचीत की.

जहां से पूरे प्रदेश में सप्लाई होती है दाल

कहा जाता है कि इसी गल्ला मंडी की दाल पूरे उत्तर प्रदेश में सप्लाई होती है. अब दाल का भाव क्या चल रहा है, ये पता करने के लिए हम पहली दुकान पर पहुंचे. अंकित जायसवाल नाम के एक दुकानदार ने अपनी आंखों पर पावर वाला चश्मा लगाए रखा था.

अंकित ने बताया कि 'यहां पूरी मंडी में दाल और चावल थोक और फुटकर दोनों तरह से बिक्री होती है. गल्ले से जुड़े जितने तरह के खाद्य पदार्थ होते हैं यहां सभी चीजें मिल जाएंगी.' दुकान में तीन तरह की अरहर (तूर) दाल, एक तरह की चने की दाल, मसूर, मूंग और भी दाल मौजूद थी. हमने दुकानदार से दाल के भाव यानी कीमत के बारे में पूछा. तो उन्होंने बताया कि यहां अभी 80 से 90 रुपये किलो दाल का रेट चल रहा है.

सड़क पर मौजूद कुछ दुकानदारों से बात करने के बाद हम मुख्य गल्ला मंडी की गली में प्रवेश करते हैं. एक लाइन से ढेर सारी दुकानें मौजूद थी. दुकानों में बोरी भर-भर के चावल-दाल और भी अन्य सामाग्री मौजूद थी.

सुमित जायसवाल नाम के एक व्यापारी ने हमें अपनी दुकान के अंदर ले जाकर अनाज दिखाया. उनकी दुकान में हमने दाल का मुआयना किया और उनसे ये भी पूछा कि आपकी दाल की सप्लाई कहां-कहां होती है. सुमित ने बताया कि 100 किलोमीटर की रेंज में उनकी दाल सप्लाई होती है.

कमीशन एजेंट ने सरकार को कोसा

सुमित के दुकान से निकलते-निकलते राम गोपाल नाम के व्यक्ति भी हमसे टकरा गए. जब उनका काम पूछा तो उन्होंने खुद को कमीशन एजेंट बताया. राम गोपाल ने कहा, 'जैसे कि हम दुकानदारों को थोक के भाव से अनाज दिला देते हैं और ये उसे थोक के भाव से बेचते हैं. थोक वाला माल मंडी से आता है, जितनी दूरी पर मंडी होगी वहीं से आएगी. कहीं 50 किलोमीटर तो कहीं 100 किलोमीटर दूरी पर मंडी है.'

राम गोपाल नाम के कमीशन एजेंट ने मोदी और योगी सरकार के खिलाफ खूब नाराजगी जाहिर की और ये आरोप लगाया कि मोदी जी ने 2014 के बाद से हमारा पैसा अपनी जेब में रख लिया. आगामी चुनाव को लेकर तो उन्होंने ये तक दावा कर दिया कि सीएम योगी का इस बार आना मुमकिन नहीं है.

वहीं मौजूद प्रमोद कुमार साहू ने भी महंगाई को लेकर सरकार से अपना दर्द बयां किया. इतने में ही ग्रे कलर का टी-शर्ट पहने हुए एक लंबे से व्यक्ति आते ही अखिलेश यादव को भला-बुरा कहने लगते हैं. उन्होंने कहा कि अखिलेश अब कभी नहीं आएंगे क्योंकि वो हिंदू धर्म के द्रोही हैं.

'योगी बाबा डंके की चोट पर आएंगे'

खुद को व्यापारी बताने वाले इस शख्स ने कहा कि 'योगी बाबा आएंगे. जो कांग्रेसी हैं वो उनका विरोध कर रहे हैं. जिन्होंने सिर्फ कांग्रेस का खाया है वही योगी जी को हराने की बातें कर रहे हैं. आम आदमी दोबारा योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाएगा. जिनको अपने मान-सम्मान, रोटी-बेटी की चिंता नहीं है वो कांग्रेस और सपा को वोट देंगे.'

इसी के तुरंत बाद मंडी में एकलौते शख्स दिखे जिन्होंने मास्क लगाया था. अन्य के चेहरे से मास्क नदारद दिखा. मास्क वाले व्यक्ति ने खुद का परिचय देते हुए अपना नाम सुधीर बताया. उन्होंने भी डंके की चोट पर कह दिया कि योगी आदित्यनाथ फिर से 2022 में आएंगे.

वहीं मौजूद दो पक्ष आपस में बहस करने लग गए. एक व्यापारी ने खुद को गरीब बताया तो दूसरे व्यवसायी ने कटाक्ष करते हुए ये कह दिया कि मीडिया और कैमरा देख कर नौटंकी कर रहे हो तुम कहां से गरीब हो, गरीब-गरीब कह कर खाली विरोध करने का तरीका बना लिया है. बहस गरमाती जा रही थी, चकल्लस तेज होती गई और दोनों पक्ष एक-दूसरे को कोसने में जुट गए. कई अन्य दुकानों पर भी हम पहुंचे, जहां लोग खुल कर बोलने से संकोच कर रहे थे और बहुत ने योगी की वापसी आने का दावा किया.

कहा जाता है कि व्यापारी वर्ग भाजपा का पेटेंट वोटर है, व्यापारियों का सपोर्ट भाजपा को ही होता है. हालांकि इस बार क्या होता ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा. उत्तर प्रदेश हर बार लोगों को हैरान करता है, इस बार के चुनाव में भी पब्लिक जरूर हैरान होगी. लोगों का मूड किसे जीत दिलाएगा इसे समझने और भापने के लिए ज़ी हिन्दुस्तान यूपी के अलग-अलग शहरों से जमीनी पड़ताल कर रहा है और आप तक ऐसी ही रिपोर्ट्स के जरिए सच्चाई पहुंचा रहा है.

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