ममता बनर्जी को सता रहा हार का डर, नंदीग्राम के बाद थामेंगी दूसरी डगर!

दो चरण के बंपर मतदान और बीजेपी के पक्ष में बढ़ते रूझान के बाद नंदीग्राम से ताल ठोकने का फैसला TMC को भारी पड़ता दिख रहा है.

Written by - Navin Chauhan | Last Updated : Apr 1, 2021, 08:56 PM IST
  • इस बार नंदीग्राम से चुनाव लड़ रही हैं ममता बनर्जी
  • भाजपा ने शुवेंदु अधिकारी को बनाया अपना प्रत्याशी
ममता बनर्जी को सता रहा हार का डर, नंदीग्राम के बाद थामेंगी दूसरी डगर!

कोलकाता: दो बार से पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी के लिए चुनावी खेला में 'जीत की हैट्रिक' लगा पाना मुश्किल नजर आ रहा है. दिन-ब-दिन मुकाबला कड़ा और दिलचस्प होता जा रहा है. चोट से लेकर चंडी पाठ तक 'दीदी' के लिए कोई भी चुनावी टोटका अब तक कारगर साबित नहीं हुआ है और उन्हें हार का डर सताने लगा है. इसी वजह से उन्होंने दूसरे चरण के मतदान से पहले 28 मार्च को विपक्षी दलों के प्रमुखों को पत्र लिखकर बीजेपी के रथ को रोकने के लिए एकजुट होने की अपील की है.

'दीदी' ने अपनी दादागिरी का दंभ भरते हुए नंदीग्राम चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया था जहां उनका सामना पूर्व सहयोगी शुवेंदु अधिकारी से हो रहा है.

दो चरण के बंपर मतदान और बीजेपी के पक्ष में बढ़ते रूझान के बाद नंदीग्राम से ताल ठोकने का फैसला उन्हें भारी पड़ता दिख रहा है. माना जा रहा है कि जिस नंदीग्राम ने दीदी को राज्य की सत्ता तक पहुंयाया था उसी नंदीग्राम की जनता उन्हें अर्श से फर्श पर लाने जा रही है. नंदीग्राम में ममता दीदी के जीत हासिल करनी लोहे के चने चबाने जैसा मुश्किल नजर आ रहा है.

ऐसे में खबरें आ रही हैं कि दीदी नंदीग्राम के अलावा एक अन्य सीट से चुनाव लड़ सकती है. पीएम मोदी ने भी ये बात गुरुवार(1 अप्रैल) को एक चुनावी रैली के दौरान कही. प्रधानमंत्री ने कहा, ममता दीदी नंदीग्राम में हार के डर से बाकी बचे 6 चरण में दूसरी सीट से भी पर्चा दाखिल कर सकती हैं.' पीएम मोदी की इस बात पर हाल ही में टीएमसी का दामन थामने वाले यशवंत सिन्हा ने ऐतराज जताया है. लेकिन एक बार फिर वो कहावत सच होती दिख रही है जहां आग होती है वहीं धुआं होता है.

भाजपा को कई राज्यों में मात देने में विपक्षी दलों का जो फॉर्मूला कारगर साबित हो चुका है. हार के डर के बीच महागठबंधन के उसी फॉर्मूले को ममता बनर्जी ने आजमाने के लिए विपक्षी दलों के मुखियाओं को पत्र लिखा है जिससे की वो अपनी कुर्सी बचा सकें. ममता बनर्जी ने अपने पत्र में गैर-बीजेपी शासित राज्यों में संवैधानिक मुश्किलें खड़ी करने, गैर बीजेपी पार्टियों को तोड़ने की कोशिश करने, सीबीआई और ईडी का दुरुपयोग करने गैर भाजपा शासित राज्यों के संवैधानिक अधिकार छीनने का आरोप लगाए हैं. इसके साथ ही दीदी ने  गैर-बीजेपी पार्टियों और सरकारों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है.

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गुरुवार को दूसरे चरण के लिए हुए मतदान के दौरान नंदीग्राम से छुटपुट हिंसक घटनाओं के साथ-साथ टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा पत्रकारों के खिलाफ हमला किया. जी हिंदुस्तान की महिला पत्रकार को निशाना बनाया गया हालांकि हमला करने वाले तीन लोगों के खिलाफ एएफआईआर दर्ज की गई है. मतदान समाप्त होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में ममता बनर्जी पत्रकारों पर फूट पड़ीं, ये सीधे तौर पर उनकी हार की कगार पर पहुंचने की निराशा को दर्शाता है.

किस किस को भेजी है चिट्ठी

ममता बनर्जी ने जिन नेताओं को पीएम मोदी और भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है उसमें कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी, नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्लाह, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती शामिल हैं.

कहां से लड़ सकती हैं चुनाव

ममता बनर्जी इससे पहले कोलकाता की भवानीपुर सीट से दो बार विधायक निर्वाचित हुई थीं. पहले माना जा रहा था कि दीदी भवानीपुर के साथ नंदीग्राम सीट से चुनीव लड़ेगी. लेकिन जब टीएमसी ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया तब भवानीपुर से अन्य उम्मीदवार को टिकट दिया गया और ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से चुनावी समर में उतरने का फैसला किया.

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