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जानें, बतौर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पांच बड़ी कामयाबियां...

अटल जी लोकप्रिय पीएम के साथ-साथ एक निडर और देशहित में मजबूत फैसला लेने वाले प्रधानमंत्री भी थे.

जानें, बतौर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पांच बड़ी कामयाबियां...
फाईल फोटो

नई दिल्ली (सत्यम विशाल): देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भारत के सबसे सशक्त प्रधानमंत्रियों में से एक रहे हैं. अटल जी लोकप्रिय पीएम के साथ-साथ एक निडर और देशहित में मजबूत फैसला लेने वाले प्रधानमंत्री भी थे. बतौर पीएम अटल जी की पांच ऐसी महत्वपूर्ण कामयाबियां हैं, जिसके लिए यह देश उनका हमेशा आभारी रहेगा. आइए बताते हैं अटल जी की उन पांच महत्वपूर्ण कामयाबियों के बारे में जिसने भारत को एक सशक्त भारत बनाया. 

भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाया
बतौर प्रधानमंत्री अटल जी ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्रों की सूची में शामिल कराया. 11 मई 1998 को पोखरण में अटल जी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण किया गया था. हालांकि पोखरण परीक्षण के बाद दुनिया के शक्तिशाली देशों ने गुस्से में आकर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिया था. दुनिया की सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका को भी इस बात की भनक तक नहीं हुई थी, जबकि उस समय चार जासूसी सैटेलाइट 24 घंटे पूरी दूनिया की निगरानी करते थे. इस कामयाबी को बतौर पीएम अटल जी की सबसे बड़ा कामयाबी माना जाता है. हालांकि इससे पहले 1974 में पहला सफल परमाणु परीक्षण किया था लेकिन उस परीक्षण के बाद इंदिरा सरकार ने यह कहा था कि यह परीक्षण सिर्फ शांतिपूर्ण कार्यों और भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में मजबूती हासिल करने के लिए किया है.1998 के परमाणु परीक्षण के बाद खुद को परमाणु शक्ति सम्पन्न देश घोषित कर दिया. 

अटल जी ने पाकिस्तान से संबंधों में सुधार की पहल
अटल जी कहते थे कि हम दोस्त बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं, इसलिए पड़ोसियों से अच्छे संबंध होने चाहिए. बतौर पीएम अटल जी ने इस दिशा में कदम भी उठाया. अटल जी ने पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ रिश्ते की एक नई शुरुआत की थी. 19 फरवरी 1999 को सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा अटल जी कार्यकाल में शुरु की गई थी. खुद अटल जी इस बस में दिल्ली से लाहौर गए और तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात की थी.

कारगिल युद्ध में विजय
दिल्ली-लाहौर बस सेवा के कुछ ही दिन बाद पाकिस्तान ने एकबार फिर से भारत के पीठ में खंजर मारा. तत्कालीन पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष जनरल परवेज मुशर्रफ के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना और पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने भारतीय सीमा के अंदर कारगिल की कई पहाड़ी चोटियों पर घुसपैठ कर अपना कब्जा जमा लिया था. इस बात की जानकारी जब भारत को हुई तब अटल जी ने मजबूती से फैसला लेते हुए भारतीय सेना और वायुसेना को इस क्षेत्र को खाली कराने के लिए पूरी छूट दे दी थी. इसके बाद देश के वीर जवानों ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को कारगिल की चोटियों से खदेड़ दिया. इस युद्ध में पकिस्तान बुरी तरह पराजित हुआ और उनके हजारों सैनिक मारे गए. 

स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना
बतौर पीएम अटल जी के दूसरे कार्यकाल (1998-2004) में वैसे तो देश के हर क्षेत्र के लिए कई विकास योजनाएं लागू की गई लेकिन इनमें से सबसे महत्वपूर्ण स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना थी. इस परियोजना के तहत देश के चारों महत्वपूर्ण शहर दिल्ली, मुंबई, कोलकता और चेन्नई को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा गया. अटल जी की इस परियोजना की उनके विरोधी भी प्रसंशा करते हैं. 

कावेरी जल विवाद को सुलझाया
कावेरी नदी के पानी को लेकर कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के बीच सैकड़ों साल से विवाद हो रहा था. कई बार इस मामले को सरकार और न्यायलय ने सुलझाना चाहा लेकिन मामला नहीं सुलझ पा रहा था. बतौर पीएम अटल जी ने काफी सूझबूझ और इन तीनों राज्यों के बराबर फायदों को नजर में रखते हुए कावेरी जल विवाद मामले का सफलता पूर्वक निपटारा किया.