गडकरी बोले-सड़क हादसे न रोक पाना मंत्रालय की विफलता

एक मीडिया कार्यक्रम में गडकरी ने कहा कि सड़क निर्माण में जो तकनीकी खामियां हुई हैं उन्हें दूर किया जा रहा है ताकि सड़क हादसे रुक सकें. उन्होंने कहा कि दिल्ली में 50 हजार करोड़ के रोड बनने जा रहे हैं. गडकरी ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के पिछड़े और आदिवासी इलाकों से होता हुआ जाएगा.

गडकरी बोले-सड़क हादसे न रोक पाना मंत्रालय की विफलता

नई दिल्लीः एक मीडिया कार्यक्रम में शिरकत करते हुए सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सड़क हादसे न रोक पाने को अपने मंत्रालय की विफलता बताया. उन्होंने देश में नई सड़क परिवहन योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की. गडकरी ने कहा कि दिल्ली से मुंबई तक अब 12 घंटे के भीतर पहुंचा जा सकेगा और हाईवे पर तेजी से काम चल रहा है जो कि देश का नया ग्रोथ सेंटर साबित होगा.

गडकरी ने कहा कि सड़क निर्माण में जो तकनीकी खामियां हुई हैं उन्हें दूर किया जा रहा है ताकि सड़क हादसे रुक सकें. उन्होंने कहा कि दिल्ली में 50 हजार करोड़ के रोड बनने जा रहे हैं. गडकरी ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के पिछड़े और आदिवासी इलाकों से होता हुआ जाएगा. उन्होंने कहा कि इस हाइवे के जमीन अधिग्रहण में सरकार ने 16 हजार करोड़ रुपये बचाए गए हैं.

नया ग्रोथ सेंटर बनेगा हाईवे
गडकरी ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे बनने के बाद 12 लेन के इस हाईवे पर 12 घंटे में दिल्ली से मुंबई पहुंचा जा सकेगा. इस प्रोजेक्ट के 60 फीसदी काम बांट दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली-गुड़गांव के ट्रैफिक को कम करने में मदद मिलेगी और यह हाइवे नया ग्रोथ सेंटर है.

सड़क हादसों पर परिवहन मंत्री ने कहा कि मेरे विभाग ने सभी क्षेत्रों में सफलता के साथ काम किया है लेकिन पांच साल में सड़क हादसे कम नहीं कर पाया और इसे मैं अपनी विफलता मानता हूं. उन्होंने कहा कि हर साल पांच लाख हादसे होते हैं और डेढ़ लाख मौतें होती हैं, मरने वालों में 18-35 की उम्र वाले 65 फीसदी लोग हैं. उन्होंने कहा कि नया मोटर व्हीकल एक्ट एक साल तक राज्यसभा में अटका रहा जो अब जाकर पास हुआ है.

नौकरियां बढ़ाने पर जोर
नितिन गडकरी ने पांच करोड़ नौकरियां पैदा करने के सवाल पर कहा कि हमने 40 किलोमीटर सड़क प्रतिदिन बनाने का लक्ष्य रखा था, अब वह 32 हो गया है, इस साल तक शायद 40 भी हो जाए. ठीक ऐसे ही 5 करोड़ नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य भी रखा गया है, जो जरूर पूरा होगा. गडकरी ने कहा कि MSME सेक्टर में नई-नई योजनाओं से रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे, स्थिति चुनौतीपूर्ण हैं लेकिन हम रास्ता निकालने के लिए काम कर रहे हैं.