• देश में कोविड-19 से सक्रिय मरीजों की संख्या 83,004 पहुंची, जबकि संक्रमण के कुल मामले 1,51,767: स्त्रोत-PIB
  • कोरोना से ठीक होने वाले लोगों की संख्या- 64,426 जबकि अबतक 4,337 मरीजों की मौत: स्त्रोत-PIB
  • आरोग्य सेतु को ओपन-सोर्स किया गया, ऐप का Android संस्करण अब समीक्षा और सहभागिता के लिए उपलब्ध है
  • देश भर में 612 प्रयोगशालाओं में एक दिन में 1.1 लाख नमूनों का परीक्षण किया गया: आईसीएमआर
  • रेलवे ने 3274 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया; 44+ लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया
  • वंदे भारत मिशन के तहत 34 देशों मे 173 उड़ानों और 3 जहाजों का परिचालन किया गया
  • सीपीडब्लूडी ने कोविड-19 के दौरान एयर कंडीशनिंग के उपयोग के बारे में दिशानिर्देश जारी किया
  • सीएसआईआर-आईआईआईएम और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) मिलकर कोरोना वायरस के लिए आरटी-एलएएमपी आधारित जांच किट विकसित करेंगे
  • व्यावसायिक उद्यमों / एमएसएमई संस्थानों के लिए ईसीएलजी योजना अब परिचालन में है
  • सीबीआईसी ने 8 अप्रैल से 25 मई 2020 के बीच 11,052 करोड़ रुपये के 29,230 जीएसटी रिफंड के दावों का का भुगतान किया

कोरोनाः पाक ने अभी तक नहीं ली छात्रों को निकालने में भारत की मदद

भारत ने पड़ोसी देशों से भी कहा है कि वह अगर चाहें तो भारत उनके नागरिकों को चीन से निकालने में मदद करने के लिए तैयार है. भारत की इस पेशकश का लाभ मालदीव ने उठाया है. चीन में फंसे मालदीव के छात्र भारतीय विमान से लौट आए हैं. भारत की इस पेशकश का लाभ फिलहाल पाकिस्तान ने नहीं लिया है. 

कोरोनाः पाक ने अभी तक नहीं ली छात्रों को निकालने में भारत की मदद

नई दिल्लीः दुश्मनी और नफरत ऐसी है कि पाकिस्तान अपने लोगों को मरने के लिए भी छोड़ सकता है. दरअसल चीन में फंसे अपने छात्रों-नागरिकों को निकाल लाने के लिए पाकिस्तान ने भारत से इनकार कर दिया है. कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते पूरे चीन में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है. ऐसे में हर देश वहां से अपने नागरिकों को निकालने की कोशिश में जुटा है. भारत सरकार भी चीन से अपने नागरिकों को लगातार निकाल रही है.

भारत ने पड़ोसी देशों से भी कहा है कि वह अगर चाहें तो भारत उनके नागरिकों को चीन से निकालने में मदद करने के लिए तैयार है. भारत की इस पेशकश का लाभ मालदीव ने उठाया है. चीन में फंसे मालदीव के छात्र भारतीय विमान से लौट आए हैं. भारत की इस पेशकश का लाभ फिलहाल पाकिस्तान ने नहीं लिया है. 

विदेश मंत्री ने दिया जवाब
संसद में भाजपा की सांसद रूपा गांगुली ने सरकार से स्पष्टीकरण पूछते हुए जानना चाहा था कि क्या भारत सरकार चीन के वुहान में फंसे पाकिस्तानी नागरिकों को लाने के लिए भी कोई प्रयास करेगी, क्योंकि देश पहले भी विश्व में इस तरीके से अन्य देशों के नागरिकों की मदद के लिए पहल कर चुका है.

इस पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान सहित सभी पड़ोसी देशों के छात्रों को भी भारतीय विमानों से लाने की पेशकश की गई थी, जिसका मालदीव के सात छात्रों ने लाभ उठाया. यमन और लीबिया में युद्ध की स्थिति में भारत ने अपने नागरिकों के साथ पाकिस्तानी लोगों को भी बाहर निकाला था. इस वजह से तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की दुनियाभर में सराहना हुई थी.

चीन में अब भी फंसे हैं 80 भारतीय छात्र
सरकार ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि चीन में कोरोना से बुरी तरह प्रभावित वुहान क्षेत्र में अभी तक 80 भारतीय छात्र मौजूद हैं. राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सदन को यह जानकारी दी. इससे पहले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्द्धन ने कोरोना वायरस के बारे में अपनी ओर से एक बयान पढ़ा था. उस बयान पर विभिन्न दलों के सदस्यों ने उनसे स्पष्टीकरण पूछा था और उन्हीं स्पष्टीकरणों के जवाब में विदेश मंत्री ने यह जानकारी दी.

विदेश मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने चीन के वुहान क्षेत्र में भारतीय छात्रों को स्वदेश लाने के लिए दो उड़ानें भेजी थीं. उन्होंने बताया कि 80 भारतीय छात्र अभी वुहान में ही हैं. इनमें से 70 छात्र स्वेच्छा से वहां रुके हैं. उन्होंने कहा कि दस भारतीय छात्र चीन में हवाईअड्डे तक आ गए थे।,किंतु उन्हें बुखार होने के कारण चीन के अधिकारियों ने देश छोड़ने की अनुमति नहीं दी.

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