मेरठ जा रहे राहुल-प्रियंका रास्ते में ही रोके गए

नागरिकता कानून के खिलाफ मेरठ में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद मंगलवार को राहुल-प्रियंका यहां जाने से रोक दिया गया. दोनों कांग्रेस नेता हिंसक प्रदर्शन में मारे गए लोगों के परिवार से मिलने जा रहे थे. शहर में अभी धारा 144 लागू है, इसीका हवाला देकर दोनों को रोका गया है. 

मेरठ जा रहे राहुल-प्रियंका रास्ते में ही रोके गए

मेरठः नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मेरठ में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात के लिए जा रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को मंगलवार को पुलिस ने रोक लिया. दोनों नेता एक ही कार में सवार थे. मेरठ में एंट्री से पहले ही जिले के बॉर्डर पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया. पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देकर दोनों नेताओं को रोका, जिसके बाद दोनों ने अपनी गाड़ी दिल्ली की तरफ मोड़ दी.

कोई ऑर्डर नहीं दिखायाः राहुल
इस दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें किसी ऑर्डर की कॉपी नहीं दिखाई गई, बस लौटने के लिए कह दिया गया. संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ पिछले हफ्ते मेरठ समेत यूपी के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे. इस दौरान भीड़ ने इस्लामाबाद पुलिस चौकी को फूंक दिया था. कई गाड़ियों में आग लगा दी गई थी. मेरठ में 5 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी जबकि 3 पुलिसवालों को भी गोली लगी थी.

हिंसक प्रदर्शन के दौरान मेरठ में 5 की हुई थी मौत
पिछले हफ्ते शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शनकारी काफी उग्र हो गए. करीब 5-6 घंटे तक भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी, आगजनी और गाड़ियों में तोड़फोड़ करती रही. इस दौरान आसिफ, मोहसिन, जहीर, आसिफ और अलीम नाम के 5 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई.

इस दौरान गोली लगने से 3 पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए थे. प्रदर्शन के दौरान कुछ उपद्रवियों ने चेहरे पर नकाब लगाकर पत्थरबाजी के साथ-साथ अवैध असलहों से पुलिस पर फायरिंग भी की थी.

मेरठ में धारा 144 लागू
अभी मेरठ में धारा 144 लागू है और इस दौरान किसी तरह की राजनीतिक गतिविधि करने पर रोक है. एडीजी मेरठ प्रशांत कुमार का कहना है कि मेरठ में 144 धारा लागू है, प्रियंका और राहुल को बताया गया कि काफी भीड़ वाला इलाका है. ऐसे में अगर शांति भंग होती है, तो जिम्मेदारी उनकी ही होगी. जिसके बाद राहुल-प्रियंका मेरठ के परतापुर इलाके से वापस हो गए.

बिजनौर गईं थीं प्रियंका
इससे पहले प्रियंका बिजनौर भी गई थीं और हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की थी. गौरतलब है कि सोमवार को ही कांग्रेस पार्टी ने दिल्ली के राजघाट पर CAA के खिलाफ सत्याग्रह किया था, जिसमें राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी शामिल हुए थे.

नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा विरोध प्रदर्शन हो रहा है. यूपी के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत कई शहरों में पत्थरबाजी, गोलीबारी भी हुई थी.