अमेरिकी सांसद जो विल्सन बोले- 370 हटने से आर्थिक विकास को मिलेगी मदद

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने को लेकर अमेरिका के सांसद जो विल्सन ने कहा है कि इससे आर्थिक विकास को गति मिलगेगी और भेदभाव खत्म होगा.

अमेरिकी सांसद जो विल्सन बोले- 370 हटने से आर्थिक विकास को मिलेगी मदद

नई दिल्लीः अमेरिका के प्रभावशाली सांसद जो विल्सन ने कहा है कि भारत में आर्टिकल 370 को हटाने का भारत सरकार का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक विकास को गति देने, भ्रष्टाचार से लड़ने और जातीय एवं धार्मिक भेदभाव खत्म करने की कोशिश को समर्थन देने के लिए है. उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त को सरकार ने अनुच्छेद-370 के आधिकतर प्रावधानों को निरस्त करते हुए जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर दिया और प्रदेश को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था.

अमेरिकी सांसद जो विल्सन ने हाउस ऑफ रिप्रजंटेटिव में गुरुवार को कहा कि भारतीय संसद ने कई पार्टियों के सहयोग से प्रधानमंत्री की आर्थिक विकास को गति देने, भ्रष्टाचार से लड़ने और लैंगिक तथा जातीय और धार्मिक भेदभाव को समाप्त करने की कोशिश को समर्थन देने का फैसला किया. 
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने को लेकर अमेरिका के सांसद जो विल्सन ने कहा है कि इससे आर्थिक विकास को गति मिलगेगी और भेदभाव खत्म होगा.

विल्सन ने की भारत के लोकतंत्र की तारीफ
दक्षिणी कैरोलिना से रिपब्लिकन सांसद ने कहा कि अमेरिकी दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र है और भारत को दुनिया के सबसे विशाल लोकतंत्र के रूप में सफल देखकर प्रसन्न है. विल्सन ने आगे कहा, 'ह्यूस्टन में हुए हाउडी मोदी कार्यक्रम में मौजूद होना काफी शानदार रहा. अमेरिका के इतिहास में किसी देश के नेता के लिए यह सबसे बड़ा स्वागत कार्यक्रम था.

जो विल्सन ने आगे कहा, 'इसी साल अगस्त में मैं 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने मुंबई गया था. यह हमला अमेरिका के 9/11 हमले जैसा था. नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी का भाषण काफी प्रेरणा देने वाला था.

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नागरिकता कानून पर भी जताया है भरोसा
मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर भारत की तुलना दूसरे देशों के साथ करने से इनकार करते हुए अमेरिका ने कहा कि भारत एक सक्षम लोकतंत्र है. अमेरिका ने कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र है और वहां धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकार जैसे विषयों पर चिंताओं के समाधान के लिए संस्थाएं हैं.

भारत में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ देशभर में बड़े पैमाने पर हो रहे प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने यह टिप्पणी की. प्रदर्शनकारी धार्मिक उत्पीड़न से बचने के लिए पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी और ईसाई शरणाथिर्यों को भारत की नागरिकता देने से जुड़े इस कानून को 'असंवैधानिक और विभाजनकारी' बता रहे हैं क्योंकि यह मुसलमानों को शामिल नहीं करता.

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