मोदी सरकार के इस प्रोग्राम से दूर-दराज के गांवों में किसान भी होंगे 'डिजिटली लिट्रेट'

डिजिटलाइजेशन का असर पूरे देश पर पड़ा है. इससे न सिर्फ उत्पादन क्षमता बढ़ी है बल्कि कई नए स्टार्टअप्स को एक जरिया मिला है. भारत इज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में अगर ऊपर की ओर आया है तो उसका एक कारण डिजिटलाइजेशन का तेजी से बढ़ता प्रचार-प्रसार भी है. अब मोदी सरकार ने सभी गांवों को ब्रॉडबैंड सुविधा से लैस कराने के लिए राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन की शुरुआत की है. 

मोदी सरकार के इस प्रोग्राम से दूर-दराज के गांवों में किसान भी होंगे 'डिजिटली लिट्रेट'

नई दिल्ली: मोदी सरकार डिजिटलाइजेशन को लेकर कितनी सजग है उसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार ने अब गांवों तक में भी नेट की सुविधा को पहुंचाने के लिए एक प्रोग्राम को लॉन्च किया है. इस प्रोग्राम का नाम है राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन. इसका मुख्य टारगेट डिजिटल संचार में तेजी लाना और सभी तक इसकी पहुंच को सुनिश्चित करा पाना है.

भारत में पहले ही नेट की उपलब्धता बहुत तेजी से बढ़ रही है. माना जाता है कि देश की एक तिहाई से भी अधिक आबादी के पास फिलहाल इंटरनेट की सुविधा है. इस प्रोग्राम के जरिए दूर-दराज के गांव-देहात में भी जल्द इसका विस्तारीकरण किया जाएगा. 

पीएम हमेशा से देते आए हैं कनेक्टिविटी पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से कनेक्टिविटी की शक्ति पर जोर देते आए हैं. उनका मानना है कि दूरसंचार के जरिए ही वैसी जनसंख्या तक भी पहुंचा जा सकता है जहां समाज के मुख्यधारा में किसी कारणवश नहीं आ पाती. समाज की अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचते-पहुंचते या तो काफी देर हो जाती है या उसे कम ही मिल पाता है.

इस मिशन के तहत बिना देरी के लाभ को बहुत आसानी से पहुंचाया जा सकता है. यह भाजपा सरकार के  सबका साथ सबका विकास की नीति को भी परिभाषित करती है. 

पिछले ही दिनों लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम ने इस मिशन का ऐलान किया था. लेकिन इसे आज यानी मंगलवार को केंद्रीय आईटी व दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हरी झंडी दिखाई. उन्होंने कहा कि इस मिशन के जरिए देशभर में सभी गांवों तक ब्रॉडबैंड की सुविधा का लाभ पहुंचाया जाएगा. 

गांव-देहातों तक में ऑप्टिकल फाइबर के जाल बिछाए जाएंगे

मोदी सरकार के डिजिटलाइजेशन योजना के बावजूद स्थितियां उतनी भी बेहतर नहीं. इसके लिए केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय ने यह तय किया है कि टावरों का घनत्व प्रति हजार जनसंख्या के लिहाज से 0.42 से बढ़ाकर 1.0 किया जाएगा.

इसके लिए 30 लाख किमी इंक्रीमेंटल ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाए जाएंगे. पूरे मिशन के लिए फिलहाल 70,000 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है. जो बाद में जरूरत के मुताबिक और भी बढ़ाई जा सकती है.

भारत में तेजी से बढ़ी है नेटीजंस की संख्या

मालूम हो कि भारत में इंटरनेट उपभोक्ताओं की तादाद लगातार बढ़ी है. खासकर 2014 के बाद से ही. साल 2014 में यह संख्या 251 मिलियन यानी 25 करोड़ थी जो साल 2019 में बढ़कर 665 मिलियन यानी 66 करोड़ के भी पार पहुंच गई है. ब्रॉडबैंड यूजर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. डाटा की उपयोगिता के आंकड़े भी कुछ यहीं कहानी बयान करते हैं. 

इज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में लगातार बढ़ रहा भारत का ग्राफ

इन सुविधाओं से भारत में कई उद्योग और नए बिजनेस खड़े हुए हैं. उनके जरिए कई नौकरियां भी पैदा हुई हैं. भारत की इज ऑफ डूइंग बिजनेस इंडेक्स में बढ़ते ग्राफ के पीछे भी डिजिटलाइजेशन कहीं न कहीं एक बड़ा कारण है.

कैशलेश ट्रांजैक्शन से लेकर कम्पयूटरीकृत सेवा तक ने चीजों को काफी आसाना बना दिया है. यह मिशन भारत के ग्रामीण क्षेत्रों के लिहाज से काफी जरूरी और लाभदायक सिद्ध हो सकता है अगर इसको अच्छे ढ़ंग से लागू किया जाता है तो.