पाकिस्तान में डॉक्टरों की बर्बर पिटाई और गिरफ्तारी

भारत में कोरोना से जूझ रहे डॉक्टरों के सम्मान में तरह तरह के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं. वहीं पाकिस्तान में डॉक्टरों की बर्बर पिटाई करके उन्हें जेल भेजा जा रहा है. पाकिस्तानी डॉक्टरों का कुसूर बस इतना है कि उन्होंने कोरोना मरीजों के इलाज के दौरान सुरक्षा किट की मांग की थी.   

पाकिस्तान में डॉक्टरों की बर्बर पिटाई और गिरफ्तारी

नई दिल्ली: जहां भारतीय अपने डॉक्टरों को सम्मानित कर रहे हैं. कोरोना वारियर्स मानकर उनकी पूजा कर रहे हैं, वहीं पाकिस्तान में उनकी पिटाई की जा रही है.

सुविधाएं मांगने पर डॉक्टरों पर टूटा पाकिस्तान प्रशासन का कहर
पाकिस्तान के क्वेटा शहर में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को बुरी तरह पीटा गया और उनकी गिरफ्तारियां की गईं. इन हेल्थ वर्कर्स का गुनाह बस इतना है कि वे सरकार से जरूरी मेडिकल इक्विपमेंट्स मुहैया कराने की मांग कर रहे थे. यही नहीं उन्हें मुजरिमों की तरह उठाकर जेल भेज दिया गया. केवल इतना ही नहीं अपने अधिकारों की मांग करने वाले इन डॉक्टरों के खिलाफ इमरान खान नियाजी की सरकार ने तो एंटी टेररिस्ट स्क्वायड को उतार दिया है.

 

 

पाकिस्तान में तेजी से फैल रहा है कोरोना
पाकिस्तान में भी कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है लेकिन वहां के अस्पतालों का बुरा हाल है. क्योंकि वहां पर ना तो जरूरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं और ना ही कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सुरक्षात्मक उपाय हैं.  ऐसे में डॉक्टर्स और हेल्थ वर्कर्स डरे हुए हैं. 

कुछ इस तरह डॉक्टरों पर हुआ जुल्म
क्वेटा में कोरोना मरीजों का इलाज कर रहे युवा डॉक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ ने सरकार से सुरक्षा किट मांगा था. इसके लिए उन्होंने सिविल अस्पताल से मुख्य सचिवालय तक मार्च भी निकाला किया. लेकिन इसकी वजह से इमरान खान नियाजी की पुलिस भड़क गई और उसने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर लाठियां चलानी शुरु कर दी. कई डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को गिरफ्तार कर लिया गया. 
पाकिस्तान सरकार ने इन डॉक्टरों पर  धारा 144 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और जेलों में बंद कर दिया गया. 
पाकिस्तान की डॉक्टर्स एसोसिएशन ने बताया कि वहां 150 से अधिक डॉक्टरों और पैरामेडिक्स को गिरफ्तार किया गया है.