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Gaza News: बेरूत, लेबनान - इजरायली सेना ने बुधवार को राफा में गोलाबारी में याह्या सिनवार को मार गिराया. इस खबर के बाद लोगों का कहना था कि शायद अब गाजा पर हो रहे हमले रुक जाएं. हालांकि, यह गलत साबित हुआ और लगातार गाजा पर नेतन्याहू के हमले जा रहे हैं और लोग मारे जा रहे हैं.
जियो पॉलिटिक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अपने देश को निजी फायदे के लिए जंग में उलझाए रखने और फिलिस्तीनियों को निष्कासित करने और उनकी भूमि पर अनिश्चित काल तक कब्जा बनाए रखने की कोशिश जारी रख सकते हैं. नेतन्याहू को लंबे समय से सत्ता खोने का डर सता रहा है, अगर ऐसा होता है तो उन्हें कई साल जेल में भी बिताने पड़ सकते हैं.
2019 में, उन पर तीन अलग-अलग मामलों में आरोप लगाए गए: धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी और विश्वासघात. अगर उन पर आरोप साबित हो जाता है, तो उन्हें 10 साल तक की जेल हो सकती है. आरोपों के अनुसार, नेतन्याहू ने कई मीडिया दिग्गजों को गिफ्ट की पेशकश की थी, ताकि वह उन पर पॉजीटिव स्टोरीज़ चला सकें.
एक साल बाद, नेतन्याहू पाँचवीं बार प्रधानमंत्री चुने गएय. इसके बाद उन्होंने ऐसे कानून प्रस्तावित किए जो सरकार को न्यायाधीशों की नियुक्ति करने, न्यायालय की निगरानी को सीमित करने और यहां तक कि न्यायालय को दरकिनार करने की अनुमति देकर देश की न्यायपालिका को कमजोर कर करते थे.
नेतन्याहू ने जंग की शुरुआत में ही साफ किया था कि वह हमास का पूरी तरह से सफाया चाहते हैं. इस दौरान उन्होंने इंडायरेक्ट तरीके से कहा था कि वह अपना कंट्रो गाजा पर चाहते हैं. इसी बात को लेकर पीस टॉक में भी दिक्कत पैदा हो रही थी. क्योंकि, हमास की मांग थी कि इजराइल पूरी तरह से अपनी सेना को गाजा से वापस ले और नेतन्याहू इस बात पर राजी नहीं थे.