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UP Upchunav 2023: BJP आज़म ख़ा के गढ़ में लहराएगी जीत का परचम? दो सीटों पर इस दिन वोटिंग

UP Bypolls: रामपुर की स्वार असेंबली और मिर्जापुर की छानबे विधानसभा सीट पर 10 मई को वोट डाले जाएंगे, लेकिन सबकी नज़र स्वार असेंबली सीट पर है. क्या बीजेपी इस सीट पर जीत हासिल करके अपने 27 साल के सूखे को खत्म कर पाएगी, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा. 

 

UP Upchunav 2023: BJP आज़म ख़ा के गढ़ में लहराएगी जीत का परचम? दो सीटों पर इस दिन वोटिंग

UP Upchunav 2023: उत्तर प्रदेश की दो असेंबली सीटों पर उपचुनाव का ऐलान हो चुका है. रामपुर की स्वार असेंबली और मिर्जापुर की छानबे विधानसभा सीट पर 10 मई को वोट डाले जाएंगे. 13 मई को वोटो की गिनती होगी. इन दोनों असेंबली सीटों में सबसे मशहूर मामला रामपुर जिले की स्वार विधानसभा सीट का है. यहां यूपी की सियासत के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आज़म ख़ा के बेटे अब्दुल्ला आजम को अयोग्य करार देने के बाद यह सीट खाली हुई थी. आज़म ख़ा का रामपुर सदर और स्वार सीट पर काफी दबदबा रहा है. ऐसे में इस बात के चर्चे होने लाज़मी हैं कि आखिर स्वार सीट से आजम खान के परिवार से कौन इंतेखाबी मैदान में उतरेगा. 

 

समाजवादी पार्टी के सीनियर लीडर आज़म ख़ा के बाद उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की भी विधानसभा सदस्यता रद्द हो चुकी है. उन्हें फरवरी 2023 में मुरादाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 15 साल पुराने मामले में दो साल की सजा सुनाई थी. दरअसल, 2 जनवरी, 2008 को पूर्व मंत्री और रामपुर के पूर्व विधायक आजम खान अपने परिवार के साथ मुजफ्फरनगर में एक प्रोग्राम में शामिल होने जा रहे थे. छजलैट थाने के सामने गाड़ी चेकिंग के दौरान आजम खान की गाड़ी पुलिस ने रुकवा ली थी. इसकी मुखालेफत में आजम खा और उनके बेटे विधायक अब्दुल्ला सड़क पर धरने पर बैठ गए थे. दोनों पर सरकारी काम में रूकावट पैदा करने के इल्ज़ाम के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था और फैसला आने पर उनकी सदस्यता रद कर दी गई. 

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स्वार सीट में होने वाला उपचुनाव बीजेपी के लिए भी काफी अहम माना जा रहा है. पिछले 27 साल से स्वार सीट पर बीजेपी को शिकस्त का दर्द झेलना पड़ रहा है. अब बीजेपी हर कीमत पर इस सीट पर जीत का परचम लहराना चाहती है. रामपुर सीट पर आजम खान को पछाड़ने वाले आकाश सक्सेना भी काफी सक्रिय हैं. उनके पिता पूर्व मंत्री लीडर शिव बहादुर सक्सेना को लेकर भी चर्चाओं का बाज़ार गर्म हैं, लेकिन बीजेपी में जारी अंदरूनी तल्खियों की वजह से किसी दूसरे उम्मीदवार को भी स्वार सीट पर उतारा जा सकता है. 

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