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नई दिल्ली: दिल्ली की तारीख़ी फतेहपुरी मस्जिद (Fatehpuri Masjid) के मदरसा आलिया में पढ़ाने वाले मदरसा टीचर आज भूखे मरने को मजबूर हैं, क्योंकि यहां के मदरसा टीचर्स की 10 महीनों की सैलरी रुकी हुई है. लॉकडाउन और रमज़ान के दिनों में इन मदरसा टीचर की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है.
बता दें कि यह एक तारीख़ी मदरसा है और यहां 15 से ज्यादा टीचर पढ़ाते हैं. मदरसा दिल्ली वक़्फ़ बोर्ड के तहत आता है और बोर्ड से ही इन टीचर्स को सैलरी मिलती है. लेकिन पिछले करीब 10 महीनों से मदरसे के टीचर्स अपनी तनख्वाह का इंतेजार कर रहे हैं.
मदरसा टीचर्स का कहना है कि बोर्ड ने आखिरी बार फ़रवरी महीने में सैलरी दी थी. उस समय सात महीनों से भी ज्यादा की सैलरी बाकी थी लेकिन सिर्फ दो महीनों की ही सैलरी दी गई, उसके बाद बोर्ड ने उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और आज 10 महीनों की सैलरी उनकी बाकी है.
लॉकडाउन और रमज़ान के समय मे इन सभी मदरसा टीचर्स की परेशानी और ज्यादा बढ़ रही है क्योंकि लोगों को अपनी जिंदगी का गुज़ारा करने के लिए भी उधार पैसे लेने पड़ रहे हैं. कई बार कहे जाने के बावजूद अभी तक लोगों की समस्या का कोई समाधान बोर्ड ने नहीं निकाला.
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