मां-बाप के बारे में क्या कहते थे प्रोफेट मोहम्मद, क्या वाकई 'मां के पैरों तले जन्नत है'?

Islam on Parents दीगर मजाहिब की तरह इस्लाम धर्म में भी किसी इंसान के लिए भगवान के बाद अगर किसी को बहुत ज्यादा अहमियत और मान- सम्मान देने की बात कही गई है, तो वो माँ -बाप है. पैग़म्बर मुहम्मद (स.) इस बात पर बहोत जोर देते थे कि अपने वाल्देन की इज्ज़त और खिदमत करें. आइए जानते हैं इस बारे में क्या थी पैगम्बर की शिक्षा?

मां-बाप के बारे में क्या कहते थे प्रोफेट मोहम्मद, क्या वाकई 'मां के पैरों तले जन्नत है'?
Source: ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

About the Author

Siraj Mahi

Siraj Mahi

सिराज माही युवा पत्रकार हैं. देश, दुनिया और मनोरंजन की खबरों पर इनकी अच्छी पकड़ है. ज़ी मीडिया से पहले वह 'ईटीवी भारत' और 'दि संडे पोस्ट' जैसे मीडिया हाउस में काम कर चुके हैं. लिखने-पढ़ने के अलावा इन्हें घूमना और खाना बनाना पसंद है.

Read More